फर्जी दस्तावेजों के जरिए 290 करोड़ की राजनांदगांव से मोहला मानपुर सड़क प्रोजेक्ट का ठेका लेने का आरोप

0  दुर्ग के फर्म अमर बिल्डर्स पर लगे संगीन आरोप
0 करोड़ के फर्जी दस्तावेज से 
0 अमर बिल्डर्स पर हुई कार्रवाई के खुलासे की मांग उठाई ओस्तवाल ने 
0 हेमंत ओस्तवाल ने सीएम और सचिव से की मांग 
राजनांदगांव। शहर कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने स्मरण पत्र लिखकर माध्यम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं लोक निर्माण विभाग छग शासन के नवनियुक्त सचिव मुकेश बंसल से मांग है कि राजनांदगांव जिले के सांसद संतोष पाण्डेय के प्रयासों से स्वीकृत राजनांदगांव से मोहला-मानपुर के बीच लगभग 290 करोड़ रूपए की महत्वाकांक्षी सडक़ परियोजना में फर्जी दस्तावेज लगाकर जो टेंडर में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दुर्ग के ठेका फर्म अमर बिल्डर्स द्वारा किया गया है, उसकी जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई को सार्वजनिक किया जाए।
कांग्रेस नेता हेमंत ओस्तवाल ने स्मरण पत्र में जानकारी दी है कि सांसद संतोष पांडेय की शिकायत के बाद करीब पांच माह पूर्व हुई इस हेराफेरी की जांच में फर्जी दस्तावेजों के सहारे टेंडर लेने वाले दुर्ग के फर्म अमर बिल्डर्स के और विभागीय दोषी अधिकारियों के खिलाफ जो जांच और करवाई की गई है उसे सार्वजनिक किया जाए एवं उक्त ठेकेदार के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों से टेंडर लेने के मामले में अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जाए।हेमंत ओस्तवाल ने कहा है कि राजनांदगांव से मानपुर-मोहला तक 290 करोड़ रूपए की सड़क परियोजना से संबंधित राजनांदगांव के लोकनिर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, मानपुर-मोहला लोकनिर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता आदि वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की इस फर्जी टेंडर में जो भूमिका है उसका भी खुलासा करना जनहित में जरूरी है।हेमंत ओस्तवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के नवनियुक्त सचिव मुकेश बंसल से मांग की है कि इस सड़क का टेंडर जारी होने के पूर्व फर्जी टेंडर घोटाले के मास्टर माईंड ठेकेदार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जाए, अन्यथा जनता के बीच यह संदेश जाएगा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचारियों को बचाने हेतु फर्जी दस्तावेज को सफेद करने की साजिश तो नहीं की जा रही है? और यदि उक्त ठेकेदार और अधिकारियों से लेन-देन नहीं हुआ है तो राजनांदगांव के भाजपा के सांसद संतोष पाण्डेय की शिकायत के बाद भी इतने बड़े गंभीर मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विभागीय लोक निर्माण मंत्री का मौन रहना संदेहास्पद बना हुआ है।

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