रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास पर देर रात मंत्रिपरिषद की एक लंबी और महत्वपूर्ण बैठक हुई, जो करीब पांच घंटे तक चली। रात लगभग 9 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब दो बजे समाप्त हुई। इस दौरान मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं ने माहौल को और गरमा दिया। दिनभर से ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि बैठक में बड़े फैसले हो सकते हैं, हालांकि बैठक के बाद मंत्रियों ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव सहित कई मंत्री मौजूद रहे। साथ ही भाजपा प्रदेश प्रभारी पवन साय और सह-प्रभारी अजय जामवाल की मौजूदगी ने इस बैठक को और अधिक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।
बैठक समाप्त होने के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने मीडिया के सवालों पर मुस्कुराते हुए कहा, “मुस्कुराइए, सब ठीक है। आप लोग ही माहौल बना रहे थे।” उनके इस बयान को मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों पर सीधा जवाब माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसे नियमित समीक्षा बैठक बताते हुए कहा कि इसमें शासन-प्रशासन, विकास कार्यों और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
हालांकि बैठक का कोई आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व और मंत्रियों की एक साथ मौजूदगी के कारण इसे राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों में सरकार के संभावित निर्णयों और राजनीतिक हलचलों पर टिकी हैं।