० जिला कांग्रेस कमेटी ने बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ मुख्यमंत्री साय का किया पुतला दहन
० बिजली विभाग के दफ्तर का किया गया घेराव भी
० भाजपा से नहीं सम्हल रहा शासन : सुशील मौर्य
जगदलपुर। बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य व ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन और बिजली विभाग कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान अधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप भाजपा सरकार के जन विरोधी निर्णय को वापस लेने की मांग की गई।

इस अवसर पर बस्तर जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की साय सरकार से शासन और प्रशासन संभल नहीं रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही जनता को राहत देने के बजाय भाजपा सरकार लगातार जनविरोधी निर्णय लेकर आम नागरिकों की जेब पर डाका डाल रही है। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता पर लगातार बढ़ता आर्थिक बोझ जनता के साथ अन्याय है। भाजपा सरकार ने बिजली दरों में वृद्धि कर मध्यम वर्ग, गरीब परिवारों, छोटे व्यवसायियों तथा किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जनता को राहत देने की दिशा में अनेक कदम उठाए गए थे, वहीं वर्तमान भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय हर क्षेत्र में आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को विकास और सुशासन के नाम पर चुना था, लेकिन आज हर वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई वृद्धि सीधे तौर पर घरेलू एवं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों पर आर्थिक हमला है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है, जबकि गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक दरें बढ़ाई गई हैं। इतना ही नहीं, किसानों के कृषि विद्युत शुल्क में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी गई है। जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है!कांग्रेस पार्टी सख्त चेतावनी देती है यदि बिजली दरों में की गई वृद्धि वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में चरणबद्ध एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि प्रदेश का किसान पहले से ही खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज एवं डीजल किल्लत से परेशान है। ऐसे समय में कृषि विद्युत दरों में वृद्धि किसानों की मेहनत और आय पर सीधा प्रहार है। इससे खेती की लागत और अधिक बढ़ेगी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी।भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करती है, लेकिन उसके फैसले किसानों को कर्ज और संकट की ओर धकेलने वाले साबित हो रहे हैं। भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का खामियाजा प्रदेश की जनता और किसानों को भुगतना पड़ रहा है। एक ओर बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की दरों में लगातार वृद्धि कर जनता को परेशान किया जा रहा है।
इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, कविता साहू, कोमल सेना, विक्रम सिंह डांगी, जिला उपाध्यक्ष अतिरिक्त शुक्ला, रविशंकर तिवारी, लता निषाद, वीरेंद्र परिहार, अनवर खान, महामंत्री अभिषेक नायडू, जाहिद हुसैन, प्रशांत जैन, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, कौशल नागवंशी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष निकेत राज झा, एनएसयूआई अध्यक्ष विशाल खंबारी, राजेंद्र पटवा, रोजविन दास,मनोज साहनी, संतोष यादव, हेमू उपाध्याय, सहदेव नाग, बबली खान,ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव,सूर्यापानी, संतोष सेठिया,धनुर्जय, मोती कश्यप,मुकुंद नेताम,सोनाधर बघेल,शिवराम बिसाई, महादेव नाग,गणेश भारती, प्रेम शेट्टी, वीरेंद्र साहनी, नीलूराम,भोजराज नाग, प्रणय शील, बलराम कोकडू,अंजना नाग, पार्षद सुशीला बघेल, शुभम यदु, लोकेश चौधरी, जस्टिन भवानी, कमलेश पाठक, एस नीला, विक्रांत सिंह, तरनजीत सिंह, शादाब अहमद, मोहसिन खान, ज्योति राव,अंकित सिंह, आदर्श नायक, लोकेश नंदा, कमला भतरा, हेमंत, कर्तव्य आचार्य, हंसू नाग, समीर कुरैशी आदि मौजूद रहे।