० सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा: प्रदेश सरकार का निर्णय विद्यार्थियों के बौद्धिक व आध्यात्मिक विकास और संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़ाव के लिए अत्यंत आवश्यक
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरुमंत्र और महापुरुषों की जीवनी के वाचन को अनिवार्य करने के निर्णय स्वागत किया है। श्री पाण्डेय ने इस दूरदर्शी पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए इसे भावी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास में एक मील का पत्थर बताया है।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका मूल उद्देश्य चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों का सिंचन होना चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत जहाँ बच्चों में अटूट राष्ट्रभक्ति का संचार करेंगे, वहीं दीपमंत्र, सरस्वती वंदना और गुरुमंत्र उन्हें हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से अवगत कराएंगे। प्रार्थना सभा में प्रतिदिन एक महापुरुष की जीवनी के वाचन के निर्देश की सराहना करते हुए सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जब बच्चे अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं, ऐसे समय में इतिहास के नायकों और महापुरुषों के संघर्ष व आदर्शों को सुनना विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेगा। इससे उनके भीतर सही और गलत की समझ विकसित होगी। कोई भी समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं को भूलकर आगे नहीं बढ़ सकता। छत्तीसगढ़ सरकार ने शालाओं के लिए जो क्रमबद्ध गतिविधियां तय की हैं, वे स्कूलों के माहौल को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाएंगी। यह पहल राज्य के बच्चों को न सिर्फ एक अच्छा छात्र बनाएगी, बल्कि उन्हें एक जागरूक और संस्कारी नागरिक के रूप में भी गढ़ेगी।