0 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से बचने जानबूझकर खाद संकट निर्मित किया गया
रायपुर। खाद संकट को डबल इंजन सरकार निर्मित आपदा करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रदेश में हर वर्ष खाद संकट निर्मित हो रहा है। ये संकट 2024, 2025 एवं वर्तमान में भी जानबूझकर उत्पन्न किया गया है। ताकि किसानों की उत्पादन प्रभावित हो और सरकार वादानुसार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने से बच सके। भाजपा सरकार की नीयत में खोट है। बीते खरीफ सीजन में अधिकांश किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के बजाये कम धान की खरीदी की गई है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का दावा करने वाली डबल इंजन की सरकार की ये किसान विरोधी नीति है। बीते तीन खरीफ सीजन से बोआई के समय किसानों को खाद के लिए सोसायटियों के चक्कर लगवाये जा रहे है। किसान परेशान है और जिम्मेदार लोग सिर्फ खाद की कमी नहीं होने का दावा कर किसानों को गुमराह कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सहकारी सोसायटियों से खाद लेने वाले किसानों की संख्या करीब 33 लाख से अधिक है, इसके अलावा अधिया, रेगहा लेकर धान उत्पादन करने वाले एवं निजी दुकानों से खाद लेने वालों की संख्या लाखों में है। प्रदेश में 15 लाख 75 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा खाद की आवश्यकता है जिसमें यूरिया, डीएपी की मांग ज्यादा है, जिसकी भारी कमी है। सोसायटियों में खाद नहीं है लेकिन खुले बाजार में यूरिया और डीएपी ब्लैक में बेचे जा रहे है। सरकार, किसानों को बताना चाहिये खाद संकट है तो फिर खुले बाजार में ब्लैक में कैसे उपलब्ध है?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार किसानों को खाद संकट पर रासायनिक खाद कम उपयोग करने की सलाह देने के बजाय माँग अनुसार खाद दे। ताकि फसल अच्छी हो, किसानों को आर्थिक नुकसान न हो। प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी का रोजगार कृषि है उनका जीविकोपार्जन इसी से चलता है। खाद संकट से उत्पादन प्रभावित होगा। किसान कर्ज में आ जायेगा। राज्य की अर्थव्यवस्था भी इससे खराब होगी।