रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने राजनांदगांव में एक नाबालिक बच्ची के साथ पुलिस की बर्बरता एवं छत्तीसगढ़ सरकार की भ्रष्ट स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते जो अमानवीय कृत्य हुआ है वह शर्मनाक है। बच्ची ने पेट दर्द की शिकायत की लेकिन अमानक टेस्ट किट के मेडिकल टेस्ट में उसे गर्भवती बताया गया, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित तो था ही वही सोमनी पुलिस ने पीड़ित बालिका को रात भर थाने में बिठाकर उससे अमानवीय प्रश्न पूछ कर मानसिक शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का जो कार्य किया, क्योंकि सोमनी स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जिस किट से बच्ची के टेस्ट किए गए उस टेस्ट किट में बच्ची को गर्भवती बताया गया उसके पश्चात अन्य मेडिकल टेस्ट पर उसे गर्भवती नहीं बताया गया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सोमनी स्वास्थ्य केंद्र के टेस्ट किट जो स्थानीय स्तर पर क्रय की गई थी, वह अमानक और नकली भी उसमें रिपोर्ट गलत आई थी। छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य जैसे मामलों में भी फर्जीवाड़ा करने से नहीं चूक रही है। लगातार नकली दवाइयां सप्लाई का मामला पूरे छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के संरक्षण में हो रहा है और उसके बाद इस गंभीर टेस्ट किट का फर्जीववाड़ा उजागर होना अपने आप में गंभीर विषय है। क्योंकि भ्रष्टतम प्रशासनिक लचरता का खुलासा हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि इस मामले में सोमनी थानेदार ने अबोध बालिका के साथ बर्बरता पूर्ण कृत किया उसकी निलंबन तक बात नहीं थमेगी और उसके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज किया जाना चाहिए, यह एक अमानवीय एवं संवेदनहीनता कृत्य है। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद पुलिस रक्षक से भक्षक बन गई है, यह इस घटना से स्पष्ट प्रमाणित होता है।