नीट परीक्षा के लिए वायुसेना लगाना मोदी सरकार की बेचारगी – कांग्रेस

0 कांग्रेस की सरकारों में 7 दशकों तक यूपीएससी जैसी परीक्षा पारदर्शी ढंग से कराने वाली, भारत सरकार टेस्ट परीक्षा नहीं करवा पा रही

रायपुर। पेपर लीक होने के बाद अब नीट की परीक्षा की सुरक्षा के लिए वायुसेना लगाये जाने का मोदी सरकार का निर्णय बताता है कि मोदी सरकार से देश की व्यवस्थायें संभल नहीं रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह मोदी सरकार की बेचारगी को दर्शाता है। 140 करोड़ देश की, दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक सरकार एक टेस्ट परीक्षा सुनियोजित तरीके से नहीं करवा सकती है। कांग्रेस की सरकारों में 7 दशक से यूपीएससी की परीक्षा ईमानदारी और पारदर्शिता से कराने वाली, भारत की केंद्र सरकार एक टेस्ट परीक्षा नहीं करवा पा रही। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी परीक्षा की जवाबदेही वायुसेना को सौपी जा रही है। पिछले दो बार से नीट की परीक्षा की गोपनीयता को बरकरार नहीं रख पाने वाली मोदी सरकार ने मान लिया है कि उसमें देश की आंतरिक व्यवस्था भी संभालने की क्षमता नहीं बची है। इसीलिए वह टेस्ट परीक्षा में वायु सेना की मदद लेने जा रही है। अपनी सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था की ईमानदारी पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नीट के परीक्षा के प्रश्न पत्र रक्षा प्रतिष्ठानों में रखने की योजना है तथा उसे वायुसेना के माध्यम से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जायेगा। यह सरकार के अंदर के आत्मविश्वास की कमी को बताता है। सरकार नीट जैसी टेस्ट परीक्षा कराने की क्षमता नहीं रखती है। यह देश के लिए शर्मनाक है। 12 सालों में मोदी सरकार ने देश के पूरे सिस्टम को बर्बाद कर दिया है। अब सेना के भरोसे पर सरकार आ गयी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पहली बार जब नीट के पेपर लीक हुए उसी समय सरकार ने ठोस निर्णय लिया होता, दोषी पर कड़ी कार्यवाही किया होता तो शायद दूसरी बार पेपर लीक नहीं होता। पिछली बार भी नीट के पेपर लीक मामले में मोदी सरकार ने किसी की जवाबदेही तय नहीं की, न ही कोई ठोस कार्यवाही किया था। जब 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ था, लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी, तब लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए मोदी सरकार ने चाल चली और एनटीए के डीजी को पद से हटा दिया, लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, इन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पोस्टिंग दे दी, उसके बाद छत्तीसगढ़ की भर्ती परीक्षाओं का प्रमुख बना दिया और अब ये छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। बेहद स्पष्ट है कि पेपर लीक के असल गुनहगारों को भाजपा सरकार का संरक्षण है।

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