० वित्तीय अनियमितता की जांच प्रक्रिया हुई तेज
जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की नगर पंचायत भोपालपटनम में हुई वित्तीय गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी को लेकर छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय, नया रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर पंचायत भोपालपटनम के सीएमओ विकास पाटले एवं लेखापाल सूर्यकिरण चिडेम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी और लेखपाल पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता, बिना प्रशासनिक स्वीकृति के कार्य कराने तथा सरकारी राशि के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। शासन ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत भोपालपटनम में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार नगर पंचायत भोपालपटनम में अटल चौक स्थापना कार्य के नाम पर किए गए कार्यों में नियमों को दरकिनार कर लगभग 15 लाख रुपए की राशि बिना सक्षम अनुमति के आहरित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यों के निष्पादन में निर्धारित निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा वित्तीय अनुशासन की खुली अवहेलना की गई। शासन के आदेश में उल्लेख किया गया है कि बिना सक्षम स्वीकृति के भुगतान किए जाने और सरकारी राशि के दुरुपयोग के प्रथम दृष्टया प्रमाण मिलने के बाद दोनों अधिकारियों के विरुद्ध प्रारंभिक जांच प्रारंभ की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया। जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों का मुख्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय जगदलपुर में निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी किसी भी प्रकार के प्रशासनिक अथवा वित्तीय कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। वहीं संबंधित प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख तलब किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद भोपालपटनम नगर पंचायत सहित स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से नगर पंचायत में विकास कार्यों और खर्चों को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भी कई बार निर्माण कार्यों में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी को लेकर शिकायतें की गई थीं।
शासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों पर सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ती है तो नगर पंचायत के कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। सूत्रों के अनुसार नगरीय प्रशासन विभाग ने मामले में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए हैं। जांच के दौरान यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भोपालपटनम नगर पंचायत में हुए इस बड़े प्रशासनिक एक्शन ने जिले भर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर शासन की आगामी जांच रिपोर्ट और संभावित आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।