रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम फेल हो गया, अब दुर्ग बिलासपुर में लागू करेंगे – दीपक बैज

० गृहमंत्री बदलने के बजाय सिस्टम बदली करने में लगी है सरकार

रायपुर। रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम फेल हो गया, अब दुर्ग बिलासपुर में लागू करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अपराधों में नियंत्रण का नाम लेकर रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू की गयी, 5 आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गयी। उसके बाद भी अपराधों में कोई नियंत्रण नहीं हुआ। आज भी लूट, चोरी, डकैती, हत्या, बलात्कार की घटनाएं हो रही है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ लूट हो जाती है। इस फेल सिस्टम को भाजपा सरकार दुर्ग, बिलासपुर में भी लागू करने जा रही है। सरकार बताये कि रायपुर में लागू करने का क्या फायदा हुआ? प्रदेश में बढ़ते अपराध के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार है। गृह मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए। बीमारी कुछ है, इलाज कही और ढूंढा जा रहा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि रायपुर पुलिस कमिश्नरी वसूली कमिश्नरेट बन गया है। राजधानी की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था को सुधारने के नाम पर सरकार ने राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू किया था, राजधानी की कानून व्यवस्था में कोई सुधार तो नहीं हुआ। कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के कारण नागरिकों की परेशानी जरूर बढ़ गई। अपराध और अपराधी तो बेलगाम है ही अब सड़क पर पुलिस का चालान नागरिकों में एक नया खौफ पैदा कर रहा है। कमिश्नरी प्रणाली का काम केवल ट्रैफिक के नाम पर वसूली करना मात्र ही है। क्या पुलिस अपराधों के नियंत्रण तथा पुलिस की गश्ती व्यवस्था को सुधारने गली, मुहल्ले में पुलिस के संरक्षण में बिक रहे सूखे नशे के कारोबार पर भी रोक लगाना भी है, पुलिस की पूरी सक्रियता केवल चालान भेजने और वसूली करने तक है? किसी चौराहे पर लोगों की मदद करते पुलिस का कोई बड़ा अधिकारी कभी नहीं दिखता है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले ढाई वर्षो में छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है। लूट, हत्या, बलात्कार, चाकूबाजी की घटनाओं के कारण पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। छत्तीसगढ़ देश का ऐसा अकेला राज्य है, जहां पर कलेक्टर, एसपी कार्यालय जला दिया गया, अपराधी को गांव वालो ने उसके घर में जिंदा जला दिया, एसडीएम को जनता मारने दौड़ा दिया उसे जान बचाकर भगाना पड़ा। राज्य की राजधानी में ढाई साल में 7 गोलीबारी की घटना हो गयी, राज्य में मासूम बच्चियां महिलाएं सुरक्षित नहीं है। हर दिन 8 बलात्कार और हर दूसरे दिन 3 सामूहिक दुराचार की घटनाएं हो रही है। राजधानी चाकूपुर बन गया है। सरकार और गृह मंत्री कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे है।

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