सीसी सड़क चढ़ गई भ्रष्टाचार की भेंट, घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

० सीईओ, सरपंच, इंजीनियर और सचिव पर लगाए गंभीर आरोप 
(अर्जुन झा)जगदलपुर। विकासखंड जगदलपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत केशबोपार में सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीण सरपंच, सचिव, इंजीनियर मुख्य कार्यपालनअधिकारी जनपद पंचायत जगदलपुर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सभी की मिलीभगत से पंचायतों में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जब निर्माण कार्य प्रारंभ होता है, तो अधिकारी कार्य स्थल का निरीक्षण नहीं करते। अगर कार्यस्थल के निरीक्षण करते तो इस तरह का भ्रष्टाचार नहीं होता नाही और न ही अनियमिता की शिकायतें आतीं।
ग्राम पंचायत अलनार के केशबोपारा में सीसी सड़क निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अब गांव के जागरूक युवा चुप नहीं बैठेंगे, भ्रष्टाचार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे। ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि विकास कार्य के नाम पर खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है और जिम्मेदार इंजीनियर एवं अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार और कार्य की गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। गांव की भोली भाली जनता को सरपंच सचिव ठगने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई निर्धारित माप से कम रखी जा रही है, वहीं सड़क की मोटाई में भी बड़ा खेल किया जा रहा है।आरोप है कि सड़क को बाहर से मजबूत और मोटा दिखाने के लिए दोनों किनारों पर लगाए गए 8 इंच के फ्लाई (फॉर्मा) को 2-3 इंच तक जमीन के अंदर गाड़ दिया गया है। इस कारण ऊपर से देखने पर सड़क 8 इंच मोटी दिखाई देती है, लेकिन वास्तविक अंदरूनी मोटाई केवल 5-6 इंच ही रह जाती है। ग्रामीणों ने इसे जनता के पैसों की खुली लूट बताया है।

इंजीनियर क्यों हैं खामोश?
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर निर्माण कार्य की निगरानी कौन कर रहा है? क्या जिम्मेदार इंजीनियरों को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है, या फिर सब कुछ उनकी जानकारी में हो रहा है?लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में कितनी मात्रा में सीमेंट, गिट्टी और रेत डाली जा रही है, इसकी कोई पारदर्शिता नहीं है। गांव वालों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोग गुणवत्ता से समझौता कर सिर्फ कागजों में विकास दिखाना चाहते हैं।

न समझें गांव को कमजोर
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा है कि आज का गांव पहले जैसा नहीं रह गया। अब गांव के युवा पढ़े-लिखे, जागरूक और अपने अधिकारों को समझने लगे हैं। अब गांव की जनता डरने वाली नहीं है। विकास के नाम पर भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में इस सड़क पर इतना कीचड़ हो जाता था कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था। जल जीवन मिशन की पाइप लाइन के लिए सड़क को खोदने के बाद गांव के लोगों ने वर्षों तक परेशानी झेली, और अब जब नई सड़क बनाई जा रही है, तब भी गुणवत्ता से खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क केवल सीमेंट और गिट्टी का ढांचा नहीं होती, बल्कि गांव की जीवनरेखा होती है। इसी सड़क से बच्चे स्कूल जाते हैं, मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, किसान अपने खेत की ओर जाते हैं। आपातकाल में यही सड़क लोगों की जान बचाती है। यदि सड़क घटिया बनाई जाएगी, तो कुछ ही समय में टूट जाएगी और फिर पूरा गांव परेशानी झेलेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच हो, सड़क की चौड़ाई और मोटाई की दोबारा माप हो, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची जाए, दोषी इंजीनियर और ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो, निर्माण कार्य की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। अगर जल्द जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो गांव के जागरूक युवा उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। गांव की जनता अब जाग चुकी है। विकास के नाम पर भ्रष्टाचार नहीं चलेगा।

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