रायपुर। वन मंत्री एवं बस्तर के वरिष्ठ भाजपा नेता केदार कश्यप ने कांग्रेस की पत्रकार वार्ता पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं का बयान हताशा, भ्रम और राजनीतिक बौखलाहट का प्रतीक है। बस्तर में तेजी से खत्म होते नक्सलवाद, गांव-गांव पहुंचती सड़क, बिजली, राशन, मोबाइल नेटवर्क और विकास कार्यों को देखकर कांग्रेस घबराई हुई है। यही कारण है कि जिन नेताओं के शासनकाल में बस्तर हिंसा, भय और भ्रष्टाचार का केंद्र बना रहा, वे आज झूठ का पुलिंदा लेकर जनता को गुमराह करने निकले हैं।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि बस्तर अब बदल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास और विश्वास का नया युग शुरू हुआ है। कांग्रेस आज जिस नक्सल उन्मूलन का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, उसी कांग्रेस के शासनकाल में नक्सलियों का मनोबल बढ़ा, जवानों पर हमले हुए और विकास कार्य कांग्रेस शासनकाल में ठप पड़े रहे।
उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल यह भूल रहे हैं कि उनकी सरकार में नक्सलियों के समर्थन में खड़े होने वाले लोग खुलकर बयान देते थे। कांग्रेस सरकार ने बस्तर को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाकर रखा, जबकि भाजपा सरकार ने बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। आज जिन इलाकों में कभी तिरंगा फहराना चुनौती था, वहां स्कूल, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल टॉवर और सुरक्षा कैंप खड़े हो रहे हैं। यह बदलाव भाजपा सरकार की इच्छाशक्ति और निर्णायक नीति का परिणाम है।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आदिवासियों की चिंता नहीं, केवल अपनी राजनीति की चिंता है। जो लोग वर्षों तक आदिवासियों को गरीबी, भय और नक्सलवाद के बीच छोड़कर सत्ता का सुख लेते रहे, वे आज आदिवासी हितों की बात कर रहे हैं। कांग्रेस यह बताए कि उनके शासनकाल में बस्तर से पलायन क्यों हुआ? हजारों युवाओं को रोजगार और शिक्षा से क्यों वंचित रखा गया? आखिर क्यों बस्तर को देश के विकास से काटकर रखा गया?
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने बस्तर के विकास के लिए जो विजन दिया है, वह आने वाले समय में आदिवासी अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा। हर आदिवासी परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, डेयरी नेटवर्क विकसित करने और गांवों में स्वरोजगार बढ़ाने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। कांग्रेस को हर योजना में घोटाला दिखाई देता है क्योंकि कांग्रेस की राजनीति ही कमीशन और भ्रष्टाचार पर आधारित रही है।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता अब अपने पांच साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाएं। जनता पूछ रही है कि पांच साल में बस्तर को क्या मिला? शराब घोटाला, कोयला घोटाला, गोठान घोटाला और भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड। कांग्रेस के समय बस्तर में विकास कम और कमीशनखोरी ज्यादा हुई। भाजपा सरकार आज बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम कर रही है, जिसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह भी याद रखना चाहिए कि बस्तर की जनता अब झूठ और भ्रम की राजनीति को पहचान चुकी है। बस्तर अब बंदूक नहीं, विकास चाहता है। बस्तर अब भय नहीं, भविष्य चाहता है। और यही कारण है कि आज पूरा बस्तर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के नेतृत्व पर विश्वास जता रहा है। कांग्रेस का झूठ, दुष्प्रचार और राजनीतिक प्रलाप अब बस्तर में नहीं चलने वाला।