छत्तीसगढ़ के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देने पर चर्चा, अमर पारवानी ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से की मुलाकात

रायपुर। छत्तीसगढ़ के व्यापार और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाओं और व्यापारिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

CAIT छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेन्द्र दोशी,  विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, महामंत्री अवनीत सिंह, कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने  संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कृषि एवं वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन, किसानों को आधुनिक प्रोसेसिंग और बाजार व्यवस्था से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुख रूप से उठाए गए।

अमर पारवानी ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ कृषि, वनोपज, मिलेट्स, मसालों, फलों और पारंपरिक खाद्य उत्पादों के मामले में अत्यंत समृद्ध राज्य है। उन्होंने कहा कि यदि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जाए तो राज्य में बड़े स्तर पर निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसानों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार भी संभव होगा।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा की। उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन देने का आश्वासन भी दिया।

अमर पारवानी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री का सकारात्मक दृष्टिकोण और सहयोगी रवैया छत्तीसगढ़ के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनका मानना है कि इससे किसानों, लघु उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों को व्यापक लाभ मिलेगा तथा प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलेगी।

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