० छिंदगढ़ के आधा दर्जन खरीदी केंद्रों से 3 हजार क्विंटल धान गायब
० मैनेजर एवं खरीदी प्रभारी से होगी एक करोड़ से अधिक की रिकवरी
० डीएमओ की भी साठगांठ की हो रही है चर्चा
(अर्जुन झा)जगदलपुर। बस्तर संभाग में धान घोटाला का बड़ा मामला सामने आया है। संभाग के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के आधा दर्जन धान खरीदी केंद्रों में एक करोड़ 62 लाख रूपये अधिक का धान गायब कर दिया गया है। इस धान की मात्रा सवा तीन हजार क्विंटल से भी अधिक है। मामले की जांच रिपोर्ट तहसीलदार अमर गुप्ता कलेक्टर सुकमा को सौंप चुके हैं। अब आगे की कार्रवाई कलेक्टर के पाले में है।
खबर है कि अब इस मामले में मैनेजर एवं खरीदी प्रभारी पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। सुकमा जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों की जांच कराई गई है। जांच में 8 करोड़ रुपए से अधिक की घपलेबाजी उजागर होने की चर्चा है। सुकमा जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक के धान खरीदी में धान घोटाले बड़ा खुलासा हुआ है। कलेक्टर के आदेश पर आधा दर्जन धान खरीदी केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान सवा 3 हजार क्विंटल धान गायब होने की बात सामने आई है और सैकड़ों बोरा धान सड़ा हुआ पाया गया है। केंद्रों से गायब धान का मूल्य 1 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। तहसीलदार श्री गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर दो सदस्यीय जांच दल द्वारा खरीदी केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया गया है, जहां 1 करोड़ 62 लाख से अधिक का धान कम होना पाया गया है। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिले के कोंटा इलाके के खरीदी केंद्रों में भी बड़ा घालमेल किया गया है। इसकी जांच हुई तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। छिंदगढ़ के आधा दर्जन खरीदी केंद्रों की जांच में अनियमिता के खुलासे के बाद प्रबंधक एवं खरीदी प्रभारी पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। इस घालमेल मामले में डीएमओ की भी सांठगांठ की चर्चा है।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
शिकायत के आधार पर जिले के तीनों विकासखंडों के धान खरीदी केंद्रों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार,
कलेक्टर सुकमा