रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट ने छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर उजागर कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध दर 89.7 प्रति लाख आबादी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 76.3 प्रति लाख आबादी है। बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं। हत्या, लूट, मारपीट और ठगी जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस समाज में बुजुर्गों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए, वहां वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राज्य सरकार अपराध नियंत्रण के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अपराधियों के निशाने पर बुजुर्ग हैं। भाजपा सरकार में कानून नाम की चीज नहीं आपराधिक घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है। प्रतिदिन 34 महिलाएं 20 बेटियां गायब हो रही है, प्रतिदिन 8 से अधिक हत्या, 9 से अधिक रेप की घटना हो रही है, रोज दर्जनों चाकूबाजी हो रही है, व्यापारियों पर हमला हो रहा है।आखिर कानून का डर अपराधियों पर क्यों नहीं है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। साइबर ठगी, संपत्ति विवाद और अकेले रहने वाले बुजुर्गों के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार इनके लिए कोई प्रभावी सुरक्षा तंत्र विकसित नहीं कर पाई है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना बनाए, प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा प्रकोष्ठ सक्रिय करे तथा अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन और नियमित पुलिस मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत किया।