० मंत्रालय के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी का खुलासा
रायपुर। ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 34 लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।
व्हाट्सएप पर वायरल हुआ फर्जी नियुक्ति आदेश
मामले का खुलासा तब हुआ जब सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से एक फर्जी आदेश सोशल मीडिया और विशेषकर व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल होने लगा। इस आदेश में विभिन्न विभागों—परिवहन, राजस्व, आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग—में नियुक्तियों की अनुशंसा दर्शाई गई थी। आदेश में सचिव और उप-सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किया गया था, जिससे यह दस्तावेज असली प्रतीत हो रहा था।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
प्रार्थी राजपाल बघेल, जो सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय से जुड़े हैं, ने 24 अप्रैल 2026 को थाना राखी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि फर्जी आदेश के जरिए लोगों को नौकरी का लालच देकर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा आईटी एक्ट की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से प्रसारित फर्जी आदेश के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की। मोबाइल नंबरों और डिजिटल उपकरणों के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू और मनोज कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई। दोनों आरोपी मूल रूप से डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव के निवासी हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राजेश शर्मा आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान था। अधिक पैसा कमाने के लिए उसने अपने साथी मनोज श्रीवास्तव के साथ मिलकर फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया। इसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से आदेश को वायरल कर लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा दिया गया और उनसे बड़ी रकम वसूली गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर सेट (मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस) और प्रिंटर जब्त किया है, जिनका उपयोग फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया गया था।
पहले भी कर चुके थे धोखाधड़ी का प्रयास
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से नौकरी लगाने के नाम पर 1.90 लाख रुपये लिए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया था। मामले के उजागर होने के बाद उन्होंने फर्जी आदेश का प्रसार बंद कर दिया था।
गिरफ्तार आरोपी
राजेश शर्मा उर्फ राजू, उम्र 53 वर्ष निवासी: वार्ड नंबर 01, खुटापारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव
मनोज कुमार श्रीवास्तव, उम्र 52 वर्ष निवासी: कुम्हारपारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव
दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।