जगदलपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित वर्ष 2026 के हाई स्कूल (10वीं) एवं हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा परिणामों में इस वर्ष विद्यार्थियों ने पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर जिला, शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उत्तीर्ण प्रतिशत में वृद्धि, अधिक संख्या में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा मेरिट सूची में बेहतर भागीदारी, इस सकारात्मक परिवर्तन के स्पष्ट संकेत हैं। यह उपलब्धि केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता में समग्र सुधार को दर्शाती है।
बस्तर जिले में शिक्षा विभाग द्वारा किए गए सतत प्रयास—नियमित शैक्षणिक मॉनिटरिंग, अतिरिक्त कक्षाएं, मार्गदर्शन सत्र, तथा विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण—इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। विशेष रूप से जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा को प्राथमिकता देने का प्रभाव इस वर्ष के परिणामों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला है।
इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व को भी जाता है, जिनके निर्देशन में शिक्षा के क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं प्रभावी पहल की गईं। उनके प्रयासों ने जिले के शैक्षणिक माहौल को सुदृढ़ किया और विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष भी उत्कृष्ट परिणाम देते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समर्पित शिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।
गणित व्याख्याता राहुल कुमार पाण्डेय ने परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, शिक्षकों के समर्पण एवं अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का परिणाम यह दर्शाता है कि यदि सही दिशा और मार्गदर्शन मिले, तो बस्तर जैसे क्षेत्र के विद्यार्थी भी उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। साथ ही, उन्होंने उन विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया जो अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर सके हैं कि वे निराश न हों, बल्कि इसे एक सीख के रूप में लेकर आगे और बेहतर करने का प्रयास करें।
अंत में, राहुल कुमार पाण्डेय ने सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहें, निरंतर प्रयास करते रहें और शिक्षा के माध्यम से जीवन में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें।