
0 भ्रष्टाचार में बड़े लोगों और अधिकारियों की संलिप्तता का शक
जगदलपुर। प्राथमिक शाला पालनार के प्रधान पाठक राजू पुजारी की आत्महत्या के मामले की न्यायायिक जांच की मांग को लेकर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। पत्र में श्री मंडावी ने कहा है कि बीजापुर जिले के अंतर्गत चेरपाल निवासी राजू पुजारी प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के लिए पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे।विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि परिजनों के कथनानुसार प्राथमिक शाला पालनार का निर्माण लगभग 20 लाख 30 हजार रूपए की लागत से किया जा रहा था और निर्माण एजेंसी शाला प्रबंधन समिति थी। निर्माणाधीन स्कूल भवन को ठेकदार और इंजीनियर द्वारा बहुत ही घटिया और गुणवत्ताहीन तरीके से किया जा रहा था। श्री पुजारी निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि के भुगतान को लेकर काफी मानसिक रूप से परेशान थे। जिसकी शिकायत उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों से भी की थी, किन्तु अधिकारियों ने शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि जबरन ठेकेदार को देने दबाव बनाया जा रहा था। ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारी द्वारा शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन निर्माणाधीन स्कूल भवन की पूरी राशि निकालकर देने का दबाव डाले जाने के कारण तंग आकर आत्माहत्या करने को मजबूर हो गए। उन्होंने 22 अप्रैल को सुसाइड नोट लिख कर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं पेटी ठेकेदार के नाम उल्लेखित है एवं जागर लक्ष्मैया ठेकदार, निवासी बीजापुर का नाम सरकारी दस्तावेज (शाला प्रबंधन समिति पंजी) के अनुसार चेक देना, चेक पंजी में उल्लेखित है और ठेकेदार जागर लक्ष्मैया के कहने पर ही पेटी ठेकेदार को राशि आहरण कि लिए चेक प्रदान किया गया है जो कि बेहद गंभीर प्रतीत होता है। राजू पुजारी की आत्महत्या में भ्रष्टाचार एवं बड़े अधिकारियों की भूमिका एवं संलिप्ता है जिसके लिएक उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है। अतः इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।