राशन दुकानों में चावल नहीं पहुंचा, सरकार 3 माह का चावल देने का प्रोपोगंडा कर रही – कांग्रेस

0 32 लाख उपभोक्ताओं के राशन कार्ड केवाईसी के नाम पर काट दिया गया

रायपुर। सरकार द्वारा 7 अप्रैल से राशन दुकानों से एकमुश्त तीन माह का चावल दिये जाने पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पिछले पांच महीने से सरकार राशन दुकानों को नियमित राशन तो पहुंचा नहीं पायी है। पांच माह से राशन कार्ड धारियों को चावल नहीं मिल रहा है और सरकार तीन महीने का चावल एकमुश्त देने का ढिंढोरा पीट कर चावल उत्सव मनाने जा रही है, जबकि हकीकत यह है कि अभी तक दुकानों में मात्र 30 प्रतिशत चावल ही उपलब्ध है, जब दुकानों तक चावल नहीं पहुंच पाया है तो उपभोक्ता को कैसे चावल देगी सरकार?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह सरकार का जनविरोधी कदम है, सरकार नहीं चाहती कि सभी को राशन देना पड़े, इसलिए केवाईसी का बहाना कर राशन वितरण रोक दिया गया है। 32 लाख उपभोक्ताओं के राशन कार्ड केवाईसी के नाम पर काट दिया गया। सरकार बनने के बाद सभी राशन कार्ड नए सिरे से बनाए गए थे उनमें मुख्यमंत्री अपनी फोटो छपवाए थे, जब दो साल पहले राशन कार्ड बनाए गए, बनाते समय भी आधार कार्ड लिया गया था फिर उनको अचानक क्यों रद्द किया गया। सरकार केवाईसी अपडेट का बहाना बनाकर 32 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में तो एपीएल और बीपीएल सभी का, चपरासी से लेकर कलेक्टर, आम जनता और मजदूर से लेकर मालगुजार तक सभी के राशन कार्ड बनाये थे। कांग्रेस की सरकार के दौरान पीडीएस की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पूरे देश में चर्चित थी, 81 लाख परिवार का राशन कार्ड बनाया गया स्थानीय निकाय ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर निगमों में सामान्य सभा में सूची प्रकाशित करके दावा आपत्ति मंगाने के बाद अनुमोदन के आधार पर राशन कार्ड जारी किए गए। 2023 में भाजपा की सरकार आने के बाद फिर से एक बार 81 लाख राशन कार्डों को निरस्त कर जनता को नए कार्ड बनवाने लाइन पर लगा दिया। आज भी 32 लाख से ज्यादा परिवार केवाईसी के बिना राशन कार्ड के लिए भटक रहे।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी के सरकार छत्तीसगढ़ में बनी है तब से पीडीएस के स्टॉक का भौतिक सत्यापन ही नहीं हो रहा है। सहकारी सोसाइटी और उपभोक्ता दुकानें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के लिए चारागाह बना दिया गया है। छत्तीसगढ़ के गरीबों का राशन में घोटाला कर चावल दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है।

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