० शिक्षकों की सेवा सुरक्षा व चिंता होगी दूर : टीए
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवतास्तव, शैलेंद्र यदु, डॉक्टर कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक ने कहा है कि केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने टीईटी के मामले में हमेशा शिक्षकों के हित में ही बयान दिया है, कभी भी शिक्षकों के विरोध में बयान जारी नहीं किया।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विगत दिनों एक सभा में तथा मीडिया में कहा था कि टीईटी के संबंध में हम कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे, शिक्षकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी अपने बयान में स्पष्ट कहा है कि शिक्षकों का नुकसान नहीं होने देना चाहते, सरकार इसका रास्ता निकालेगी, इसके लिए विचार विमर्श किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने राज्यसभा में टीईटी के संबंध में शिक्षकों के सेवा सुरक्षा को लेकर प्रस्तुत बिल का स्वागत करते हुए कहा है कि अगर संसद में यह बिल आया है कि शिक्षा के अधिकार नियम लागू होने के पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी करने की जरूरत नही है, साथ ही टीईटी के बिना अनिवार्य सेवानिवृति नही की जा सकती, सेवारत शिक्षकों को इससे छूट मिलेगी। हम शिक्षक वर्ग यही तो कहते रहे हैं कि शिक्षा का अधिकार नियम के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट के लिए बाध्य नही किया जा सकता, साथ ही पूर्व नियम से नियुक्त शिक्षकों की सेवा समाप्त नही किया जा सकता। शिक्षकों की भर्ती तत्समय प्रचलित नियमों के अनुसार की गई है। यह बिल शिक्षकों की भावना के अनुसार है। आखिर लंबी शिक्षकीय सेवा से शिक्षक स्वतः दक्ष हो जाते हैं। बिल स्वागतेय है। विधेयक के पक्ष में केंद्रीय शिक्षा मंत्री व सांसद भी हैं। विरोध में कोई नही है, अतः इससे अब शिक्षकों की चिंता दूर हो गई है।