रायपुर। रसोई गैस संकट पर सरकार के दावों को हवाहवाई करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गैर चुनावी राज्यों की हिस्सा की एलपीजी को चुनावी राज्यों को भेजा जा रहा है, ताकि वहाँ रसोई गैस संकट से जनता की भाजपा के खिलाफ गुस्सा को कम किया जाये और चुनाव में भाजपा को होने वाले नुकसान से बचा जा सके। दुर्भाग्यजनक है प्रदेश की सरकार मौन है। इसलिए यहां मांग के अनुसार जनता को रसोई गैस नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार ने षड्यंतपूर्वक शहर के लाखों गैस उपभोक्ताओं को ग्रामीण उपभोक्ता घोषित कर दिया ऐसे शहरी उपभोक्ताओं को अब रसोई गैस नही मिलेगा। उज्ज्वला योजना के लाखों हितग्राहियों के कनेक्शन को केवाईसी अपडेट के नाम से ब्लाक कर दिया गया अब उन्हें रसोई गैस नही मिलेगा। सरकार रसोई गैस संकट का हल करने के बजाये जिम्मेदारी से भाग रही है। एलपीजी संकट से निपटने के बजाये उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रसोई गैस की संकट पर सरकार सब कुछ बेहतर होने का दावा कर रही है, लेकिन रसोई गैस लेने के लिए एजेंसियों के बाहर जनता की लंबी लम्बी लाईन सरकार की दावों के विपरीत है। प्रदेश के कई गैस एजेंसी में तालाबंदी हो चुकी है, स्टाक नही होने का बोर्ड लग गया है, कई एजेंसियों की बुंकिंग सिस्टम बंद हो गई है, फोन नही उठाने की शिकायत आ रही है। इधर जनता लाईन में खड़ी है, उधर रसोई गैस की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है, 900 रु. के रसोई गैस 3 हजार रु. से अधिक दाम में बेचा जा रहा है। कमर्शियल गैस की संकट से कई रेस्टोरेंट बंद हो चुके है वहाँ काम कर रहे कर्मचारी बेरोजगार हो गये है। सरकार बताये जब रसोई गैस की कोई कमी नही है तो रसोई गैस जनता को मिल क्यो नही रहा है?रसोई गैस कहाँ रखा गया है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डबल इंजन की सरकार राज्य की जनता की समस्याओं को केंद्र के पास नहीं रख पा रही है, जिसके चलते प्रदेश में रसोई गैस का संकट उत्पन्न हुआ है। भाजपा सरकार की नियत में खोट है, चुनावी राज्यों में राज्य के हिस्से की एलजी को भेजा जा रहा है और राज्य की सरकार मौन सहमति देकर प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है।