० सभी जिम्मेदार टालमटोल वाला रवैया अपना रहे है
रायपुर। अफीम की खेती पर सरकार में बैठे हुए लोग टालमटोल वाला रवैया अपना रहे है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलों में अफीम की खेती पर नजर रखे, कलेक्टरों ने अपने जिले के एसडीएम को निर्देश दे दिया कि वे निगरानी करे। एसडीएम ने अपने क्षेत्र के तहसीलदारों को निर्देश दे दिया कि वे अफीम की खेती की निगरानी करे। तहसीलदारों ने सभी सरपंचों को निर्देशित कर दिया कि उनके क्षेत्र में अफीम की खेती की वे निगरानी करे। यदि अफीम की खेती उनके गांव में होगी तो वे जिम्मेदार होंगे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूरा सरकारी अमला, सरकार से लेकर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार तक सभी अपने जिम्मेदारी से भाग रहे है। अफीम की खेती रोकने की अभी तक सरकार की तरफ से कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गयी है। कोई भी अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। यह बताता है कि छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती सरकार के संरक्षण में सुनियोजित तरीके से हो रही, कोई भी इसको रोकने की कोशिश नहीं करना चाहता।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अयक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में अफीम की खेती में भाजपा का पूरा शीर्ष नेतृत्व शामिल है। दुर्ग में अफीम खेती का सरगना विनायक ताम्रकार के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मधुर संबंध थे। भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी अजय जामवाल, बीएल संतोष, केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, दुर्ग सांसद विजय बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, गृह मंत्री विजय शर्मा भाजपा संगठन के दर्जनों नेताओं के साथ उसकी फोटो तथा भाजपा के कार्यक्रमो में उसकी सक्रिय सहभागिता बताती है। अफीम की खेती के पीछे विनायक ताम्रकार एक छोटा मोहरा है। असली में पूरी भाजपा को उसका संरक्षण मिला हुआ है। इस काले धंधे में सभी शामिल थे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अयक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य में अफीम की खेती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिये। बिना सरकार के संरक्षण के पूरे प्रदेश में नशे का इतना बड़ा कारोबार संभव नहीं है। भाजपा ने विनायक ताम्रकार को केवल निलंबित किया है, निष्कासित नहीं। उसे कौन बचा रहा है? विनायक ताम्रकार पुलिस ने मुख्य अभियुक्त क्यों नहीं बनाया, सरकार उसे क्यों बचा रही है? बलरामपुर में अफीम की खेती करने वाले को भाजपा के किस नेता का संरक्षण था, जनता जानना चाहती है? बलरामपुर में तो जिस जमीन पर अफीम की खेती हो रही थी, गिरदावरी में वहाँ अन्य फसल लगा होना बताया है, मतलब सरकारी अमले को पता था वहाँ अफीम की खेती हो रही थी, इसका मतलब साफ है कि सत्ता के संरक्षण में ही यह सब कुछ हो रहा है।