‘मिशन 31 मार्च-26’ का काउंट डाउन शुरू, थोक में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

0  पुनर्वास से पुनर्जीवन की ओर लौटे माओ वादी 
0 बस्तर के दंतेवाड़ा में पुलिस और सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी
(अर्जुन झा) जगदलपुर। बस्तर में मिशन ’31 मार्च 2026′ का काउंट डाउन शुरू हो गया है। नक्सलमुक्त बस्तर का संकल्प तेजी से लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में बस्तर की दंतेवाड़ा पुलिस और फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। यहां 63 नक्सलियों ने आज एकसाथ आत्मसमर्पण किया। सरेंडर करने वालों में 1 करोड़ 17 लाख के 36 इनामी नक्सली शामिल हैं। इन नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में पुलिस अधीक्षक गौरव राय के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन के तहत इन नक्सलियों ने आज बदलाव की नई शुरूआत की है।आत्मसमर्पित माओवादी दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ डिवीजन, उड़ीसा राज्य में सक्रिय थे। आत्मसमर्पित माओवादियों में 18 महिला तथा 45 पुरूष माओवादी शामिल हैं।

आत्मसमर्पित माओवादियों में 8 लाख के 7 ईनामी, 5 लाख के 7 ईनामी 2 लाख के 8 ईनामी, 1 लाख के 11 ईनामी एवं 50 हजार के तीन ईनामी नक्सली शामिल हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि ‘पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन बस्तर में स्थायी शांति, गरिमा और समग्र प्रगति की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है। इन नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु प्रोत्साहित कराने में डीआरजी, बस्तर फाईटर्स दंतेवाड़ा एवं सीआरपीएफ की 111वीं, 195वीं एवं 230वीं वाहिनी दंतेवाड़ा का विशेष योगदान रहा है।

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा रामकुमार बर्मन के मार्गदर्शन में नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को परिणित करने के उद्देश्य से लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान संचालित किया जा रहा है। जिससे माओवादी संगठन हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपना रहे हैं और समाज के मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज 9 जनवरी को 1 करोड़, 19 लाख, 50 हजार के 36 ईनामी सहित 64 नक्सलियों ने पुलिस उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, कमांडेंट 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ गोपाल यादव, कमांडेंट 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ अनिल कुमार सिंह, कमांडेट 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ अनिल कुमार प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन एवं उप कमांडेंट सीआरपीएफ डीआईजी आफिस विमल कुमार के समक्ष डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत् 50-50हजार रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *