दुर्ग। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी-ईओडब्ल्यू की कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार सुबह तड़के एसीबी और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की संयुक्त टीम ने मेघ गंगा ग्रुप के संचालक मनीष पारख के ठिकानों पर अचानक छापा मार कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी जिले के चर्चित DMF (जिला खनिज न्यास) घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और लाभ के संदिग्ध स्रोतों की जांच का हिस्सा है।
सुबह करीब 6 बजे से शुरू हुई कार्रवाई में अधिकारियों की टीम ने पारख के आवास और ऑफिस से दस्तावेजों, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप और मोबाइल उपकरणों को खंगाला। सूत्रों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डाटा जब्त किए गए हैं, जिनमें खनन, सप्लाई और निर्माण से जुड़ी फाइलें शामिल हैं।
मनीष पारख का नाम पहले भी विवादों में रहा है। उनके नेहरू नगर स्थित “इमेज डायग्नोसिस सेंटर (लाइफ केयर)” में एक डॉक्टर पर गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के आरोप के बाद वे सुर्खियों में आए थे। अब एक बार फिर ईओडब्ल्यू की छापेमारी ने व्यवसायिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
शहरभर में चर्चा है कि ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई DMF घोटाले में फंड के दुरुपयोग और ठेकेदारी नेटवर्क के भ्रष्ट गठजोड़ की जांच से जुड़ी है। कार्रवाई के दौरान एजेंसी के अधिकारी कड़ी गोपनीयता बरतते हुए लगातार दस्तावेजों की जांच में जुटे हुए हैं।