आप बांहें फैलाए रहिए, वे हथियार लहराते रहेंगे, आप रेड कार्पेट बिछाए रहें, वो लाल खून बहाते रहेंगे

0  एक और निरीह आदिवासी को मार डाला नक्सलियों ने

0 धारदार हथियार से की बेकसूर ग्रामीण की हत्या 

0 मुखबिरी के शक में मकड़म भीमा की हत्या 

(अर्जुन झा)जगदलपुर। शांति वार्ता के प्रयासों के बीच नक्सलियों ने फिर एक बेकसूर आदिवासी को मौत के घाट उतार दिया। मामला बस्तर संभाग के बीजापुर जिले का है। बीती रात उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम पुजारी कांकेर निवासी मड़कम भीमा की नक्सलियों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी।
घटना रात 9 बजे के आसपास की है। नक्सलियों ने घर पहुंचकर मड़कम भीमा को मुखबिरी का आरोप लगाते हुए घर से बाहर निकाला और धारदार हथियार वार कर उसकी हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना उसूर में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कल ही प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से शांति वार्ता के लिए सरकार की पहल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार बांहें फैलाए खड़ी है, रेड कार्पेट हमने बिछा रखी है आप (नक्सली नेता) आईए, हम स्वागत करने खड़े हैं। आपको पूरी सुरक्षा दी जाएगी और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाएगी। यानि सरकार की ओर से शांति वार्ता और नक्सलियों को लोकतंत्र, समाज, देश और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी जा रही है। वहीं नक्सली हैं कि अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। लोकहित, जनहित की बातें करने वाले नक्सली आम जन की हत्या कर रहे हैं। सरकार रेड कारपेट बिछाए बैठी है, और वो लाल खून बहाने पर आमादा हैं, सरकार बांहें फैलाए खड़ी है और वो हथियार लहराते उत्पात मचा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नक्सलियों के असल मंसूबे क्या हैं? स्थानीय नक्सली तो मुख्यधारा से लगातार जुड़ते जा रहे हैं, मगर बाहरी बड़े नक्सली अपने स्वार्थ के लिए अभी भी खून खराबा कर अपनी उपस्थिति का अहसास करा रहे हैं, हालांकि कोसा, राजू सरीखे बड़े नक्सली लीडर्स के मारे जाने के बाद बाहरी नक्सली दहशत के साये में जी रहे हैं।

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