जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं के GST स्लैब कटौती संबंधी बयानों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
राजेश चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रधानमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा के अन्य नेताओं ने दावा किया है कि GST दरों में कटौती से जनता को बड़ा लाभ होगा। जबकि सच यह है कि पिछले आठ वर्षों में इसी कर व्यवस्था के माध्यम से जनता से लूट की गई।
उन्होंने सवाल उठाया
क्या कुछ स्लैब कम करने से उन छोटे व्यापारियों, किसानों, छात्रों और उपभोक्ताओं की भरपाई हो पाएगी, जिन्होंने 8 सालों तक भारी कर का बोझ झेला है?”
भाजपा सरकार ने जबरन ऐसी कर व्यवस्था थोपी जिसमें रोजमर्रा की चीज़ों पर भी टैक्स देना पड़ा। नोटबंदी, महंगाई और बेरोजगारी के साथ मिलकर GST ने आम नागरिक की कमर तोड़ दी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आगामी बिहार समेत अन्य राज्यों के चुनाव को देखते हुए भाजपा अब GST में मामूली छूट देकर इसे “जनहितैषी कदम” बताने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भाजपा सरकार की टैक्स नीति जनहितैषी थी, तो पूरे GST ढांचे की स्वतंत्र लोक आयोग से जांच कराई जाए।
राजेश चौधरी ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी तंज कसा, जिसमें कहा गया था कि GST स्लैब कम होने से हर परिवार को प्रतिमाह ₹7000 की बचत होगी। उन्होंने गणना पेश करते हुए कहा यदि हर परिवार को अब ₹7000 मासिक की राहत मिल रही है, तो इसका मतलब है कि पिछले 8 वर्षों में भाजपा सरकार ने प्रति परिवार ₹6,72,000 की लूट की है। अब थोड़ा सा टैक्स घटाकर चुनावी फायदा लेने का नाकाम प्रयास किया जा रहा है।
चौधरी ने अंत में कहा यही कारण है कि हमारे नेता राहुल गांधी जी ने GST को गब्बर सिंह टैक्स कहा था। भाजपा को अब साफ करना होगा कि पिछले 8 वर्षों में GST से मिली अतिरिक्त आमदनी आखिर गई कहां – जनता के पास या पूंजीपतियों के पास?