जगदलपुर। प्रदेश में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के 16 हजार से अधिक कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। बस्तर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने शनिवार को बयान जारी कर साय सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने ही घोषणा पत्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा नहीं कर पा रही है।
मौर्य ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी 18 अगस्त से नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, ग्रेड पे, 10 लाख रुपये कैशलेस बीमा, स्थानांतरण की सुविधा, महिला कर्मचारियों के लिए विशेष अवकाश और अनुकंपा नियुक्ति जैसी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। मगर उनकी जायज मांगों पर विचार करने की बजाय सरकार ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिससे विरोध में 16 हजार संविदा कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की प्राइवेट अस्पतालों से गहरी सांठगांठ है। कर्मचारियों की मांग पूरी करने के बजाय उन्हें लाठीचार्ज और जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। 25 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त करने की कार्रवाई तानाशाही रवैये का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। पोषण पुनर्वास केंद्रों से लेकर आंगनबाड़ी और सरकारी स्कूलों तक बच्चों की स्वास्थ्य जांच ठप हो गई है। लोग इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही।
मौर्य ने चेतावनी दी कि यदि साय सरकार ने जल्द ही एनएचएम कर्मियों की मांगों पर निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करने बाध्य होगी।