नवाखाई तिहार गढ़िया ग्राम पंचायत में पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया

बस्तर। लोहंडीगुड़ा विकास खंड के ग्राम पंचायत गढ़िया में नवाखाई तिहार पूरे परिवार मिलकर जहां नवाखाई तिहार का पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सरपंच भरत कश्यप ने परिवार के साथ मिलकर इस पर्व को मनाया, जिसमें नया फसल का धान गांव और घर की देवी पर नया फसल धान चढ़ाकर पूजा सेवा की गई।

नवाखाई तिहार बस्तर की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें नया फसल का धान को गांव और घर की देवी पर चढ़ाकर पूजा सेवा की जाती है। इस अवसर पर परिवार के बड़ों से आशीर्वाद लिया जाता है और एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां मनाई जाती हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक है, बल्कि सामाजिक एकजुटता और अच्छी फसल की कामना का भी प्रतीक है।

नवाखाई तिहार के अवसर पर पारंपरिक आयोजन किए गए, जिसमें नया फसल का धान चढ़ाकर पूजा सेवा की गई। इस अवसर पर ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने को मिली, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीत शामिल थे। सभी ने मिलकर पारंपरिक तरीके से पूजा सेवा की और एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां मनाईं।

नवाखाई तिहार का पर्व समाज में एकता और सौहार्द का संदेश देता है। इस अवसर पर सभी लोग एकत्रित होकर खुशियां मनाते हैं और एक-दूसरे के साथ मिलकर पर्व को मनाते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है। इस पर्व के माध्यम से समाज में एकता और सौहार्द का संदेश फैलता है और सभी लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं।

इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी और नवाखाई तिहार की शुभकामनाएं दीं। सभी ने मिलकर इस पर्व को मनाया और एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां मनाईं। यह पर्व वास्तव में समाज में एकता और सौहार्द का संदेश देता है और सभी लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं।इस अवसर पर सुखचंद कश्यप, नड़गा कश्यप, रामनाथ कश्यप, सुखदेव कश्यप, लच्छू, लच्छीन, अंती, मालती, लक्षनी, गीता, चंद्रभान, हरचंद, छोटू, गुड्डू, कमल, हरेंद्र कश्यप सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। सभी ने मिलकर नवाखाई तिहार का पर्व मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी।

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