

बाल मेले में बच्चों को खेल-खेल में अक्षर ज्ञान की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न सृजनात्मक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं जिनमें चित्रकला, मिट्टी से खिलौना बनाना, तोरण सजाना, हाथ छापना आदि शामिल थीं।
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र से चयनित बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गईं जैसे एकल नृत्य, समूह नृत्य, कविता पाठ और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता। बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सबका मन मोह लिया।
इस आयोजन में बच्चों के साथ-साथ उनके पालकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में नगर क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। प्रमुख रूप से सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती प्रीति मानिकपुडी के साथ कार्यकर्ता श्रीमती विजयलक्ष्मी शुक्ला, कविता, ईमला, धनवती, अर्चना वासम आदि की सराहनीय भूमिका रही।
कार्यक्रम के समापन पर पालक प्रतिनिधि श्रीमती उषा ध्रुव द्वारा विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए गए। बाल मेला बच्चों और पालकों दोनों के लिए एक प्रेरणादायी एवं आनंददायी अनुभव रहा।