0 बिल फाईनल कराने के लिए रिश्वत की मांग
0 शिक्षा जैसे पवित्र विभाग को नहीं होने देंगे कलंकित: डीईओ बीआर बघेल
(अर्जुन झा)जगदलपुर। बस्तर जिले के कुछ विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में भेंट पूजा का खुला खेल चल रहा है। यहां बैठे पुजारियों (क्लर्क) को बिल पास कराने के लिए चढ़ावा देना पड़ता है, तभी काम होता है। चर्चा है कि यह सारा खेल मुख्य पुजारियों (अधिकारियों) के इशारे पर चल रहा है। वहीं विभाग के मंडलेश्वर यानि जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने साफ चेतावनी दी है कि शिक्षा जैसे पवित्र विभाग में यह सब नहीं चलेगा, जो दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में एक ओर जहां जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल अपने विभाग को नीट एंड क्लीन बनाने तथा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं, वहीं उनके मातहत कुछ अधिकारी कर्मचारी विभाग की छवि धूमिल करने पर तुले हुए हैं। बस्तर जिले के कुछ विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारी फाईनल बिल तैयार करने ठेकेदारों से खुलकर प्रसाद यानि कमीशन की डिमांड करते हैं। मनचाहा प्रसाद नहीं मिलने पर बिल लटका दिए जाते हैं और ठेकेदार दफ्तर का लगा रहे चक्कर मजबूर हो जाते हैं। कमीशन के इस खेल में स्कूल भवनों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इन दफ्तरों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण भी काफी समय से लंबित है। यहां तक कि एरियर्स की राशि के लिए भी कर्मचारियों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ज्ञातव्य हो कि जिले में कई स्थानों पर कई स्कूल भवन तो कई स्थानों पर स्कूलों की मरम्मत का कार्य कराया गया है। ये कार्य खंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में कराए गए हैं।अपने चहेते ठेकेदारों को काम देकर मनचाहा प्रसाद पाने की आस लगाए बैठे थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लोहंडीगुड़ा, बस्तर, दरभा, बकावंड बीईओ कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारी बिल फाइनल करने के नाम पर प्रसाद की मांग करते हैं। खबर है कि यह डिमांड बीईओ के इशारे पर किया जाता है। एक ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दो स्थानों के बिल तैयार किए गए, चढ़ाया उन्हें भरपूर मिला है तब कहीं जाकर वहां से फाईनल बिल ट्रेजरी में भेजा गया है। वहीं एक ठेकेदार से भी प्रसाद की डिमांड की गई, इस ठेकेदार ने कमीशन देने में आनाकानी की, तो उसका बिल लटका दिया गया है। खबर है कि यह ठेकेदार संबंधित बीईओ के खिलाफ वरिष्ठ अफसरों से शिकायत करने की तैयारी में है। उक्त ठेकेदार स्थानीय होने के साथ-साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके पारिवारिक संबंध भी हैं, ऐसे में देखना होगा कि बिना चढ़ावा दिए उनका बिल बिल पास होगा या नहीं, या फिर ठेकेदार को चढ़ावा देना ही पड़ेगा? खबर है कि उक्त बीईओ का नाम तबादला सूची में भी शामिल है। जिले के ऐसे कुछ बीईओ से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
शिकायत मिलने पर होगी जांच
शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
-बीआर बघेल,
जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर