० सड़क पर घुटनों तक कीचड़, यहां नहीं खिल पा रहा है विकास का कमल
बकावंड। विकासखंड बकावंड में विकास लापता हो गया है, विकास के दावे की पोल यहां की ग्रामीण सड़कें खोल रही हैं। विकासखंड की ग्राम पंचायत भिरेंडा के तलपारा के भूतल पर विकास कराहता नजर आ रहा है। सड़क पर घुटने तक कीचड़ बता रहा है कि यहां विकास का कमल नहीं खिल पा रहा है। पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी साय के सुशासन को पलीता लगाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।
विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत भिरेंडा की तलपारा बस्ती में सड़क की बदहाली ने एक बार फिर जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत के दावों की पोल खोल दी है। जहां एक ओर प्रदेश सरकार बस्तर क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी इन दावों को पलीता लगाने में जुटे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय वार्ड पंच अजमेर के अनुसार गांव का मुख्य रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर चुका है और पगडंडी जैसी हालत में है।
कई लोग हो चुके घायल
बारिश में यह सड़क फिसलन भरी और जानलेवा बन चुकी है। खासकर स्कूली छात्र-छात्राओं को इस रास्ते से स्कूल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बच्चे अब तक गिरकर चोटिल हो चुके हैं।वहीं सरपंच और सचिव इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधि विकास विरोधी रवैया अपना रहे हैं, जिससे सरकार की योजनाओं और प्रयासों पर भी असर पड़ रहा है। इस मामले में जनपद सदस्य बैसाखू भारती से बात की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा-मुझे इसकी जानकारी नहीं थी, मैं नया-नया बना हूं, अभी चार-पांच महीने हुए हैं, सचिव से बात करूंगा।गौरतलब है कि बस्तर विधायक इस क्षेत्र के विकास और सड़कों के निर्माण को लेकर लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारों की लापरवाही से उनके प्रयास निष्फल होते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द इस सड़क की मरम्मत और पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि बच्चों और आमजन की जान जोखिम में न रहे।