दंतेवाड़ा। बस्तर की माटी में आज गूंज उठी संस्कृति, समरसता और संकल्प की अनूठी गाथा! बस्तर पंडुम 2025 का 45 दिवसीय महाउत्सव आज ऐतिहासिक अंदाज़ में सम्पन्न हुआ। समापन समारोह को यादगार बनाने देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव दंतेवाड़ा पहुंचे, जहां जनसैलाब ने उनका जोरदार स्वागत किया।
पूरे बस्तर संभाग में मनाए गए इस महाउत्सव की अंतिम घड़ी को देखने हजारों की संख्या में लोग उमड़े। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चैत्र नवरात्र एवं महाअष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भावुकता से कहा अब बस्तर के दिन फिरने वाले हैं!
इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने माँ दंतेश्वरी के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और दोहराया कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के चलते आज बस्तर के वे इलाके भी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, जहां कभी कदम रखना भी मुश्किल था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विकास की रफ्तार डबल इंजन के दम पर पूरे प्रदेश में दौड़ रही है। उन्होंने कहा, बस्तर ओलंपिक के बाद अब बस्तर पंडुम में जिस तरह से आदिवासी समाज ने उत्साह से भागीदारी की है, वह इस बात का प्रतीक है कि अब बस्तर नक्सलवाद नहीं, विकास चाहता है। अब यहां गोलियों की नहीं, स्कूल की घंटियों की गूंज सुनाई देती है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर की धरती पर अमित शाह का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा एक ओर माँ दंतेश्वरी का आशीर्वाद, दूसरी ओर नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का संकल्प आज का दिन बस्तर के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी कुछ गाँव ऐसे हैं, जहाँ सरकार की पहुँच शेष है, लेकिन हमारा संकल्प है कि बस्तर के हर कोने तक बिजली, पानी और सभी जरूरी सुविधाएं पहुंचाकर रहेंगे।
इस आयोजन में अरुण साव, विजय शर्मा, किरण सिंह देव, रामविचार नेताम, केदार कश्यप, महेश गागड़ा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। पूरा बस्तर इस दिन एक मंच पर एकजुट नजर आया, और यह आयोजन विश्व पटल पर अपनी पहचान दर्ज करा गया।