विधानसभा में लंबित राजस्व प्रकरणों पर हुई कड़ी बहस

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन आज सदन में लंबित राजस्व प्रकरणों का मामला गर्मा गया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ‘भुईया पोर्टल’ में खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पोर्टल सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल में 35% गलत डेटा एंट्री की गई है, जिसके कारण किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने गंभीरता से निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों की स्थिति को सुधारने के लिए विभाग को तत्काल कदम उठाने चाहिए, ताकि यह और अधिक जटिल न हो जाए।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि पहले भू-अभिलेखों में सुधार का अधिकार सिर्फ एसडीएम के पास था, लेकिन अब तहसीलदारों को भी यह अधिकार दे दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में वर्तमान में 1,49,479 राजस्व प्रकरण लंबित हैं। विधायक चंद्राकर ने सवाल किया कि भुईया पोर्टल में जो त्रुटियां हो रही हैं, उन्हें सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है? मंत्री वर्मा ने उत्तर दिया कि पोर्टल का संचालन एनआईसी द्वारा किया जा रहा है और त्रुटियों को सुधारने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

चंद्राकर ने यह भी आरोप लगाया कि पोर्टल की त्रुटियों को ठीक करने के लिए निर्धारित सात दिन की समयसीमा महीनों में बदल रही है। उन्होंने उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया। मंत्री वर्मा ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निपटारे के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इसी मुद्दे पर कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की परेशानियों का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने अकलतरा की घटना का उदाहरण दिया, जहां एक व्यक्ति तहसील कार्यालय के चक्कर काटते-घूमते परेशान हो गया और उसने आत्महत्या का प्रयास किया। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने विभाग को निर्देश दिया कि राजस्व मामलों के निपटारे के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। मंत्री वर्मा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी और लंबित प्रकरणों का निपटारा तेजी से किया जाएगा।

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