0 सभी आश्रमों की सुरक्षा और तैनात कर्मचारियों की समीक्षा की जाए
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकारी आश्रमों में मासूम बच्चियों के साथ दुराचार की घटनाएं अमानवीय है तथा प्रदेश में बालिकाओं और महिलाओं को सुरक्षा दे पाने में सरकार की विफलता को प्रदर्शित करती है। बीजापुर में 3 मासूम बच्चियों के गर्भवती होने की घटना सरकार के माथे पर कलंक है। दुर्भाग्यजनक है कि सरकार इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने के बजाए लीपापोती करने में लगी है। घटना के जितना ही गंभीर दोषियों को बचाना है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बीजापुर जिले के शासकीय छात्रावास में तीन मासूम बच्चियों के साथ दुराचार हुआ है। बच्चियां गर्भवती हो गयी है। आश्रम प्रबंधन ने मामले को छुपाने के लिए इन पीड़ित बालिकाओं को आश्रम से निकाल कर घर भेज दिया। जबकि ऐसी घटना की जानकारी मिलने के बाद पॉक्सो एक्ट की धारा 19 के तहत आश्रम प्रबंधन को सबसे पहले पुलिस को सूचना देना था।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि राज्य में जब से भाजपा की सरकार बनी है, सरकारी आश्रम में बच्चियां सुरक्षित नहीं है। इसके पहले भी बीजापुर के पोटाकेबिन में भी ऐसी ही घटना की जानकारी सामने आई थी, 12 वीं की छात्रा अनाचार के कारण गर्भवती हो गयी थी। सुकमा में भी ऐसी ही घटना हुई। कोरबा में भी ऐसी ही घटना हुई। रमन राज के समय हुई कांकेर के झलियामारी के जैसे ही बीजापुर की यह घटना है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराये तथा प्रदेश के सभी आश्रमों की सुरक्षा की समीक्षा की जानी चाहिए। इन आश्रमों में राशन से लेकर तमाम सामग्री कौन पहुंचाता है तथा आश्रमों में किनका आना-जाना होता है, इसकी जांच की जानी चाहिए।