विधानसभा में गूंजा खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट का मुद्दा, 665 उद्योगों पर निगरानी पर उठे सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन प्रश्नकाल के दौरान पर्यावरण और उद्योगों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा सदन में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राज्य में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योगों को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। महंत ने पूछा कि प्रदेश में ऐसे कितने उद्योग हैं जो हैजर्डस वेस्ट उत्पन्न करते हैं और उनके नियंत्रण के लिए क्या व्यवस्थाएं लागू हैं।

इस पर जवाब देते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कुल 665 उद्योग खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट का पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश के केवल 19 उद्योगों में ही ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इसके लिए अब तक कोई अलग से सरकारी बजट स्वीकृत नहीं किया गया है।

इस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि जब उद्योगों की संख्या सैकड़ों में है, तो निगरानी व्यवस्था इतनी सीमित क्यों है। हालांकि, मंत्री चौधरी ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि अगले दो महीनों के भीतर शेष उद्योगों में भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारी नियमित रूप से उद्योगों का भौतिक निरीक्षण भी करते हैं और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाती है।

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