रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में स्कूल शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण (स्कूलों का तर्कसंगत विलय/समायोजन) और खाली पड़े स्कूल भवनों के उपयोग का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक सुनील कुमार सोनी ने शिक्षा मंत्री से विस्तृत जानकारी मांगते हुए विभाग की नीतियों पर सवाल किए।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब में बताया कि विगत एक वर्ष में पूरे प्रदेश में 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया है। खाली पड़े स्कूल भवनों का उपयोग स्मार्ट स्कूल और लैब के रूप में किया जाएगा। मंत्री के अनुसार, कुल 10,372 स्कूल भवनों का उपयोग किया जा चुका है, जबकि अभी 166 स्कूल भवन खाली हैं।
विधायक सुनील सोनी ने जर्जर स्कूलों के नवीनीकरण को लेकर सवाल उठाया, जिस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां आवश्यकता होगी, वहां जांच कराकर नवीनीकरण कराया जाएगा।
विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार की समग्र नीति पर सवाल करते हुए पूछा कि स्कूलों के लिए क्या स्पष्ट नीति बनाई गई है। इस पर मंत्री ने कहा कि युक्तियुक्तकरण का मुख्य उद्देश्य स्कूलों और शिक्षकों का बेहतर संतुलन बनाना तथा प्रत्येक स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना है।
विधायक राजेश मूणत ने रायपुर जिले से संबंधित जानकारी मांगी। मंत्री ने जवाब दिया कि रायपुर में कुल 389 स्कूलों में से 385 का युक्तियुक्तकरण किया जा चुका है, जबकि 4 स्कूल अभी खाली हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नए शैक्षणिक सत्र से 150 नए स्कूल शुरू किए जाएंगे, जो स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद मॉडल के तर्ज पर संचालित होंगे।
प्रश्नकाल के दौरान सदन में शिक्षा विभाग की उपलब्धियों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने युक्तियुक्तकरण को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग का माध्यम बताया, जबकि विपक्षी विधायकों ने जर्जर भवनों, खाली स्कूलों और नीति की स्पष्टता पर जोर दिया।