रायपुर। सरकारी अस्पतालों में दुर्दशा और जांच मशीनों की खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में महत्वपूर्ण मशीनें बंद है, रखरखाव के अभाव में कई आउटडेट या कंडम हो चुकी है, 350 मशीनें पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं, जब कंडम मशीनों के भरोसे ही छोड़ दिया गया है तो मेकाहारा में नई मशीनों के लिए विगत दो वर्षों में सीजीएमएससी को जारी 150 करोड़ आखिर गया कहां? डॉ भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी सहित अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण मशीनों की स्थिति चिंताजनक है, कैंसर सिकाई और ब्रेकीथैरेपी मशीन एक्सपायर हो चुकी है, एमआरआई, सिटी-स्कैन, एक्स-रे और सोनोग्राफी मशीनों की लाइफ भी खत्म हो गई है। सरकार की उपेक्षा और भ्रष्टाचार से प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल मेकाहारा बदहाल हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की दुर्भावना और बदइंतजामी के चलते मेकाहारा के कार्डियोलॉजी विभाग, रीजनल कैंसर संस्थान कैंसर विभाग, न्यूरो विभाग सहित अनेकों विभागों के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नौकरी छोड़ने मजबूर हुए। विगत दो वर्षों में मेकाहारा के कार्डियो विभाग के ही 5 कार्डियोलॉजी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं। जानबूझ कर यह सरकार वेतन विसंगति को बढ़ावा दे रही है, अपने चहेते संविदा प्रोफेसरों को नियमित सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरो से अधिक वेतन और सुविधाएं दी जा रही है, इस सरकार की नियत नहीं है कि मेकाहारा में आम आदमी का समुचित इलाज़ हो।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार सरकारी अस्पतालों में जरूरी वैक्सीन, दवाएं और जांच की समुचित व्यवस्था भी नहीं करवा पा रही है। डॉक्टर नर्स और तकनीकी सहायकों की कमी पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की आम समस्या बन चुकी है। आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले निजी अस्पतालों का भुगतान लंबित होने की वजह से वहां पर भी समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। भाजपा की सरकार में गरीब मरीज बे मौत मरने मजबूर हैं।