0 सर्व आदिवासी समाज ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में एंथ्रोपोलॉजिकल म्यूजियम के निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगे हैं। इस परियोजना के लिए शासन द्वारा लगभग 62 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की एक निरीक्षण टीम निर्माण स्थल का जायजा लेने पहुंची। टीम का उद्देश्य म्यूजियम के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी लेना था। समाज के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में कई प्रकार की अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं। जब समाज के लोग भवन के अंदर निरीक्षण के लिए प्रवेश करना चाह रहे थे, तब वहां मौजूद लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर द्वारा उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इस बात को लेकर इंजीनियर और समाज के सदस्यों के बीच कुछ समय तक तू-तू मैं-मैं की स्थिति भी बन गई।निरीक्षण टीम का कहना है कि निर्माणाधीन भवन के पिलर ठीक तरह से नहीं बनाए गए हैं और अभी से उनमें दरारें दिखाई देने लगी हैं। जानकारी के अनुसार यह म्यूजियम भवन सात मंजिला बनना है, जबकि फिलहाल केवल तीन मंजिल तक ही निर्माण हुआ है। टीम का आरोप है कि भवन की नींव भी कमजोर बनाई जा रही है, जिससे भविष्य में भवन की मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि अभी से निर्माण कार्य में दरारें और कमजोरियां दिखाई दे रही हैं, तो ऐसे में यह सवाल उठता है कि भवन कितने समय तक सुरक्षित खड़ा रह पाएगा? वहीं इस पूरे मामले में मौके पर मौजूद इंजीनियर का कहना था कि यदि भविष्य में भवन को कोई नुकसान होता है या किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।सर्व आदिवासी समाज के सदस्यों का कहना है कि बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए बनने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में यदि इस तरह की लापरवाही बरती जाएगी, तो इसका नुकसान आने वाली पीढ़ियों को उठाना पड़ सकता है। समाज के लोगों ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।