रायपुर। प्रदेश में अफीम की खेती में भाजपा का पूरा शीर्ष नेतृत्व शामिल है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दुर्ग में अफीम खेती का सरगना विनायक ताम्रकार के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मधुर संबंध थे। भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी अजय जामवाल, बीएल संतोष, केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, दुर्ग सांसद विजय बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, गृह मंत्री विजय शर्मा भाजपा संगठन के दर्जनों नेताओं के साथ उसकी फोटो तथा भाजपा के कार्यक्रमो में उसकी सक्रिय सहभागिता बताती है कि अफीम की खेती के पीछे विनायक ताम्रकार एक छोटा मोहरा है। असली में पूरी भाजपा को उसका संरक्षण मिला हुआ है। इस काले धंधे में सभी शामिल थे। राज्य में अफीम की खेती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिये। बिना सरकार के संरक्षण के पूरे प्रदेश में नशे का इतना बड़ा कारोबार संभव नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बलरामपुर में तो जिस जमीन पर अफीम की खेती हो रही थी, गिरदावरी में वहाँ अन्य फसल लगा होना बताया है, मतलब सरकारी अमले को पता था वहाँ अफीम की खेती हो रही थी, इसका मतलब साफ है कि सत्ता के संरक्षण में ही यह सब कुछ हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिना सरकार के तथा सत्ता में बैठे हुए लोगों के संरक्षण के, खुलेआम अफीम की खेती नहीं हो सकती और न ही गली, कूचों में गांजा, शराब, सूखे नशे का कारोबार हो सकता है। दुर्ग के तो भाजपा का प्रभावशाली नेता की संलिप्तता था, प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी भाजपाई संरक्षण में ही नशे की खेती हो रही है। बलरामपुर में भी भाजपा का नेता ही अफीम की खेती करवा रहा था। अभी तो सिर्फ तीन जगह का खुलासा हुआ है, पूरे प्रदेश में सरकार अफीम, गांजा, भांग की खेती करवा रही, पूरे प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार को संरक्षण, भाजपा की सरकार में मिल रहा है। दुर्ग जिले के समोदा में जिस भूमि पर भाजपा नेता अफीम की खेती कर रहा था, कृषि और राजस्व विभाग के सरकारी अफसर उस भूमि पर मक्का का खेती होना बताते रहे, प्रोत्साहन राशि भी दिया गया। भाजपा की सरकार ने डिजिटल गिरदावली रिपोर्ट में उस जमीन पर मक्का, गेहूं और अन्य अनाज की खेती बताया है। बेहद स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती भाजपा सरकार के संरक्षण में भी हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में लगातार पकड़ा रही अफीम की खेती एक संयोग नहीं है। यह सत्तारूढ़ दल के नेताओं का सत्ता के संरक्षण में किया जा रहा अवैध व्यापार है। दुर्ग के समोदा में अफीम की खेती के खुलासे के बाद बलरामपुर के कुसुमी थानांतर्गत त्रिपुरी गांव में और बलरामपुर के एक और गांव खजूरी में भी अफीम की खेती के खुलासे से साबित हो रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद भाजपा पूरे छत्तीसगढ़ को नशे का गढ़ बनाना चाहती है।