रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और परिवहन विभाग की लापरवाही का मामला जोरदार तरीके से उठा। पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई, जिसके बाद विपक्ष संतोषजनक जवाब न मिलने पर सदन से वॉकआउट कर गया।
भाजपा विधायक ओंकार साहू ने मुख्य प्रश्न उठाते हुए पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने व्यावसायिक वाहनों को बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया गया? साथ ही, ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बिना बीमा के वाहनों पर कितने प्रकरण दर्ज हुए और कितनी राशि वसूल की गई?
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि फिटनेस परीक्षण की जानकारी निरंक (शून्य) है, अर्थात बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि तीन वर्षों में ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन के कुल 77,810 प्रकरण दर्ज किए गए और इनसे 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपये की वसूली हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरक प्रश्न में तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंत्री से मांगी गई जानकारी विभाग से लिखित रूप में नहीं आई है और परिवहन विभाग पूरी तरह ढीला पड़ा हुआ है। यदि जानकारी नहीं मिलती तो विपक्ष बहिष्कार करेगा। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने बीच में टोकते हुए कहा कि भूपेश बघेल को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन धमकी देने का नहीं।
भूपेश बघेल ने जवाब में कहा कि परिवहन मंत्री का अपने विभाग पर कंट्रोल नहीं है। विभाग से जानकारी नहीं मिल रही है, इसलिए जवाब न मिलने के कारण विपक्ष सदन से वॉकआउट कर रहा है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया।