0 विराट महिला सम्मान समारोह में डॉ. माथुर का प्रेरक संबोधन
दल्ली राजहरा। महिला दिवस पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित महिला सम्मान एवं सशक्तिकरण समारोह में नगर की वरिष्ठ समाज सेविका एवं साहित्यकार डॉ. शिरोमणि माथुर ने महिलाओं में स्वाभिमान और स्वावलंबन के टिप्स दिए और अपने अनुभव उनके साथ साझा किए।
बतौर विशिष्ट अतिथि इस कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय स्तर की कवियित्री डॉ. शिरोमणि माथुर ने कहा कि एक वह भी दौर था, जब महिलाएं और बेटियां घर की देहरी भी लांघ नहीं पाती थीं। उन पर तरह तरह की बंदिशें लगाई जाती थीं। मगर आज नारी ट्रेन चला रही है, प्लेन और फाइटर जेट उड़ा रही है, सरपंच से राष्ट्रपति पद तक का दायित्व बखूबी निभा रही है। डॉ. शिरोमणि माथुर ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और कर्नल सोफिया कुरैशी का उदाहरण देते हुए उपस्थित महिलाओं से कहा कि आत्मविश्वास और लगन के दम पर आप लोग भी आसमान की बुलंदियों को छू सकती हैं। डॉ. श्रीमती माथुर ने दिवंगत कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री झुमुक लाल भेड़िया का स्मरण करते हुए कहा- भेड़िया जी जब भी क्षेत्र के दौरे पर आते थे, तब मैं उनके कार्यक्रमों में जरूर पहुंचती थी। भेड़िया जी अक्सर राजनैतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में महिलाओं की गैर मौजूदगी पर चिंता जाहिर करते थे। उनका मानना था कि मातृशक्ति को भी हर क्षेत्र में आगे आना चाहिए। मुझे गर्व है कि आज भेड़िया जी के परिवार की बहू अनिला भेड़िया राजनीति में ऊंचे मुकाम पर पहुंच चुकी हैं। डॉ. शिरोमणि माथुर ने बेटियों को संस्कार और शिक्षा दिलाने पर जोर देते हुए कहा कि एक बेटी पढ़ लिखकर दो परिवारों में शिक्षा की अलख जगाती है, स्वयं आत्मनिर्भर बन जाती है। आप सभी अपने परिवार की बेटियों को उत्कृष्ट संस्कार दें और उच्च शिक्षा दिलाएं।