जिन्हें जनता ने खुद छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेंका, वे अब दूसरे राज्यों की सफल रणनीतियों पर ज्ञान बाँट रहे हैं – संतोष पाण्डेय

० कांग्रेस की राजनीति में अब भूपेश बघेल भी ‘पिटे हुए मोहरे’ मात्र रह गए हैं – संतोष पाण्डेय

​रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बिहार की राजनीति और नीतीश कुमार पर दिए गए बयान को हास्यास्पद और राजनीतिक दीवालिएपन का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिन्हें जनता ने खुद छत्तीसगढ़ से उखाड़ फेंका, वे अब दूसरे राज्यों की सफल रणनीतियों पर ज्ञान बाँट रहे हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि बघेल को बिहार की चिंता छोड़कर अपनी और अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि बघेल अपनों को तो एकजुट नहीं रख पाए, और अब नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता की रणनीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, यह ‘खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे’ जैसा है। नीतीश कुमार ने सुशासन के लिए एनडीए का साथ चुना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए एक सशक्त परिवार है। बघेल जिसे ‘राजनीतिक जाल में उलझना’ कह रहे हैं, वह दरअसल राष्ट्र निर्माण के लिए एकजुटता है, जिसे समझना कांग्रेस के बस की बात नहीं है। एनडीए में नीतीश कुमार को किनारे कर देने की हवा-हवाई बातों पर कटाक्ष करते हुए श्री पाण्डेय ने बघेल को याद दिलाया कि ​कांग्रेस में अपने नेताओं को किनारे करने का अपना एक काला इतिहास है और ऐसे नेताओं की सूची लम्बी है। छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल के फार्मूले का क्या हुआ? टी.एस. सिंहदेव को जिस तरह उन्होंने किनारे किया, उसका जवाब आज भी प्रदेश मांग रहा है। दरअसल कांग्रेस वह दल है जहाँ प्रतिभा का दमन और परिवारवाद का पोषण होता है। श्री पाण्डेय ने कहा कि.बिहार में एनडीए की मजबूती से इंडी गठबंधन ताश के पत्तों की तरह ढह गया है। इसी बौखलाहट में बघेल अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। बघेल को समझना चाहिए कि कांग्रेस की राजनीति में अब वह खुद भी ‘पिटे हुए मोहरे’ मात्र रह गए हैं।

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