
सुकमा। जिले में नक्सल विरोधी अभियानों को एक और बड़ी सफलता मिली है। 21 माओवादी कैडरों ने हथियार और गोला-बारूद सहित आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें 14 महिलाएं भी शामिल हैं। इन कैडरों पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडर दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, ओडिशा के केकेबीएन डिवीजन और इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय थे। इनमें DVCM रैंक के 3, ACM रैंक के 5 और पार्टी मेंबर रैंक के 13 कैडर शामिल हैं।
हथियार और विस्फोटक सामग्री
AK-47 राइफल – 3 (मैगजीन 8, राउंड 120)
SLR – 2 (मैगजीन 4, राउंड 40)
INSAS – 1 (मैगजीन 2, राउंड 50)
सिंगल शॉट – 5
BGL लॉन्चर – 3 (राउंड 20)
कोर्डेक्स वायर, जिलेटिन, नॉन इलेक्ट्रिक डेटोनेटर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री
आत्मसमर्पण 07 फरवरी 2026 को सुकमा जिला पुलिस और विशेष पुलिस अभियान (वि.आ.शा.) के संयुक्त प्रयास से हुआ। कैडर छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति और ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे। आत्मसमर्पण के दौरान बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज IPS, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण IPS, और डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार, सुदूर इलाकों में नए सुरक्षा कैम्प, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, लगातार सफल ऑपरेशन और विकास योजनाओं की पहुंच से माओवादी गतिविधियाँ लगभग समाप्त हो गई हैं। संगठन अब अंतिम चरण में है, और जनता में शासन के प्रति विश्वास बढ़ने से संगठन में तेजी से मोहभंग हो रहा है।
पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण ने कहा यह आत्मसमर्पण सुकमा में शांति और विकास की दिशा में बड़ा बदलाव दर्शाता है। हम बाकी कैडरों से अपील करते हैं कि हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करें। पुलिस उन्हें सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बस्तर रेंज आईजी पी. सुंदरराज ने इसे बस्तर में शांति स्थापना की महत्वपूर्ण सफलता बताते हुए कहा सुरक्षा बलों की कार्रवाई, विकास की पहुंच और जनविश्वास से माओवादी संगठन की जड़ें कमजोर हो रही हैं। ‘पूना मारगेम’ के जरिए हम सभी कैडरों से हिंसा छोड़ मुख्यधारा में आने की अपील करते हैं।