रायपुर। प्राइवेट स्कूलों की स्थानीय वार्षिक परीक्षायें डीईओ द्वारा कराये जाने के निर्णय को कांग्रेस ने अव्यवहारिक और अतार्किक निर्णय बताया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कांग्रेस, सरकार के इस फैसले का विरोध करती है। शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षाओं को छोड़ दिया जाए तो अभी तक सरकारी स्कूलों की घरेलू परीक्षायें एक साथ तो आयोजित नहीं करवा पाता, घरेलू परीक्षायें स्कूल अपने स्तर पर करते है, ऐसे में वह प्राईवेट स्कूलों की परीक्षायें एक साथ कैसे आयोजित करेगा? सरकार पहले अपने सभी स्कूलों का सभी घरेलू परीक्षाओं को एक साथ आयोजित कर ले, उसके बाद प्राइवेट स्कूलों के बारे में निर्णय ले।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि यह निर्णय भ्रष्टाचार करने के उद्देश्य से भी लिया गया है। सभी स्कूलों के प्रश्न पत्र छपाई और उत्तर पुस्तिका छपाई में घोटाला करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार सीबीएससी, आईसीएससी और भारती शिक्षा बोर्ड के स्कूलों को इस दायरे से बाहर क्यों रख रही है, सिर्फ स्थानीय बोर्ड से जुड़े स्कूलों पर यह व्यवस्था थोप कर उनको बंद करने की साजिश रची जा रही है। कांग्रेस सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है।