रायपुर। मंत्रिमंडल में नई आबकारी नीति मंजूरी पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि क्या भाजपा सरकार की कैबिनेट ने शराब निर्माताओं और सप्लायरों से मिले सुझाव पर बनी नीति को मंजूरी दे दी? ये प्रदेश के महिलाओं के साथ धोखा छल हैं. नई आबकारी नीति बनाने शराब का विरोध कर रहे महिलाओं से न सुझाव मांगा गया न ही सरकार की मंशा प्रदेश को शराब के नशे से मुक्त करनी हैं.विपक्ष में रहते भाजपा जिन महिलाओं से सिर में गंगाजल कलश रखवाकर शराबबंदी की मांग के लिए प्रदेश में रैली करवा रही थी। अब वही सत्ता में ज्यादा से ज्यादा शराब बेचकर राजस्व कमाने की होड़ में लगी है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं शराब दुकान एवं अवैध शराब को बंद कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं, चक्का जाम कर रही हैं। शराब के कारण घर परिवार बर्बाद हो रहा है, उसे बचाने महिलाये संघर्ष कर रही है। गांवों में महिलायें रात में लाठियां लेकर शराबियों को खदेड़ रही है। ऐसे में सरकार को आबकारी नीति को मुहर लगाने से पहले महिलाओं से सुझाव लेना था। लेकिन चंद शराब कारोबारी को लाभ पहुंचाने और शराब की काली कमाई के लिये महिलाओ के आपत्ति को दरकिनार कर नीतियां बनाई गईं हैं । सरकार की नीतियां शराब बेचने और पिलाने वालों के लिये लाभकारी हैं इससे स्पष्ट है कि भाजपा प्रदेश में शराब की नदियां बहाना चाहती है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में 67 नई शराब दुकान खोली गई। होटल ढाबा में शराब पिलाने के लाइसेंस दिया जा रहा है, चौक चौराहा में बियर पिलाने के लिए अनुमति प्रदान की जा रही है, नकली शराब, बिना होलोग्राम के शराब एवं अवैध शराब की बिक्री जोरों पर है। गांव-गांव में बिक रहे अवैध शराब के कारण हिंसक संघर्ष की स्थिति है। ऐसे में सरकार को नई आबकारी नीति में शराब बंदी की घोषणा करना चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार की मंशा प्रदेश के लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुलभ तरीके से शराब उपलब्ध कराना है। भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में शराब की खपत बढ़ गई है, स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार 55 प्रतिशत से अधिक पुरुष एवं लगभग 4.9 प्रतिशत महिलाएं शराब सेवन कर रही है, यह बेहद चिंता का विषय है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति शराब की खपत 3,700 है, प्रति व्यक्ति 8 लीटर से अधिक शराब की खपत है, आखिर भाजपा शराब के काली कमाई की मोह में प्रदेश के भविष्य को खराब कर रही है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि नई आबकारी नीति शराब कारोबारी के अनुसार नहीं बल्कि शराब विरोधियों के अनुसार बनाया जाए। प्रदेश में शराबबंदी लागू किया जाए।