महासमुंद। जिले में हुई दो सनसनीखेज चोरी और डकैती की वारदातों का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर-डकैत गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अभी फरार हैं। इस कार्रवाई में कुल 93 लाख 33 हजार 104 रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, वाहन और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया है।
मास्टरमाइंड ने अपने ही रिश्तेदारों को बनाया निशाना पूरे मामले का खुलासा आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने किया। जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड कान्हा उर्फ हेमंत अग्रवाल है, जिसने अपने सगे रिश्तेदारों के घरों को ही निशाना बनाया। आरोपी ने थाना सांकरा क्षेत्र के ग्राम बल्दीडीह में अपने सगे चाचा के घर बड़ी चोरी करवाई। इसके अलावा मई 2025 में थाना छुरा (जिला गरियाबंद) के ग्राम चरौदा में अपनी सगी बहन के ससुराल में डकैती की वारदात को अंजाम दिया।

मुखबिर की सूचना से शुरू हुई सफलता थाना सांकरा में दर्ज अपराध क्रमांक 186/2025 की जांच के दौरान पुलिस को एक मुखबिर से अहम सूचना मिली। इसके आधार पर शुभम साहू को हिरासत में लिया गया। गहन पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों वारदातें करने की बात कबूल ली। इसके बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड कान्हा अग्रवाल सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूरी योजना के साथ की जाती थी रेकी जांच में पता चला कि आरोपी वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी करते थे और पूरी योजना बनाकर चोरी व डकैती को अंजाम देते थे। चोरी किए गए जेवरात को अलग-अलग ज्वेलरी दुकानों में बेचा जाता था। पुलिस अब उन ज्वेलर्स पर भी नजर रख रही है, जिन्होंने यह माल खरीदा।
बरामदगी का विवरण
- 471.24 ग्राम सोने के आभूषण (अनुमानित कीमत: 68.81 लाख रुपये)
- 1 किलो 429.53 ग्राम चांदी के आभूषण (अनुमानित कीमत: 4.03 लाख रुपये)
- घटना में प्रयुक्त टाटा नेक्सॉन कार, मारुति स्विफ्ट कार और यामाहा मोटरसाइकिल
- मोबाइल फोन और अन्य सामान
गिरफ्तार आरोपी
- शुभम साहू – निवासी झलप, महासमुंद
- हेमंत अग्रवाल उर्फ कान्हा – निवासी अनसुला, महासमुंद
- रौनक उर्फ भूपेंद्र सिंह सलुजा – निवासी पिथौरा
- योगेश कुमार साहू – निवासी सिमगा
- दीपक चंद्रवंशी – निवासी कवर्धा
फरार आरोपी
- प्रफुल्ल चंद्रवंशी (कवर्धा)
- मुकुंद उर्फ टाइगर (गोंदिया, महाराष्ट्र)
यह पूरी कार्रवाई आईजी अमरेश मिश्रा (IPS) के निर्देशन और एसपी महासमुंद प्रभात कुमार (IPS) के मार्गदर्शन में की गई। 6 विशेष पुलिस टीमों ने दिन-रात मेहनत कर इस सफलता हासिल की। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर्स के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।