0 कार का कांच तोड़कर लाखों की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 96 घंटे में पकड़ा गया
रायपुर। राजधानी पुलिस ने एक बार फिर अपनी कुशलता का परिचय देते हुए तमिलनाडु के तिरुच्चिराप्पल्ली (त्रिची) से संचालित ‘रामजी नगर गिरोह’ के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह देशभर में घूम-घूमकर कारों का कांच तोड़कर बैग और कीमती सामान चुराने की वारदातें अंजाम देता था। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने यह कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार गंज थाना क्षेत्र में प्रवेश अग्रवाल की कार से लाखों रुपये नगद, एप्पल लैपटॉप, सैमसंग टैब, एक्सटर्नल हार्डडिस्क और 5 डेबिट/क्रेडिट कार्ड चुराए गए। इसी दिन देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सुयश चापेड़ा की कार से भी लाखों रुपये नगद वाला बैग चुराया गया। दोनों मामलों में कार का पिछला या साइड कांच तोड़कर चोरी की गई। पहली सूचना दर्ज होने के महज 96 घंटे के भीतर एंटी क्राइम यूनिट, गंज थाना और देवेंद्र नगर थाना की संयुक्त टीम ने हजारों सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, तकनीकी जांच की और रायपुर, दुर्ग, डोंगरगढ़, संबलपुर, टाटा और रांची के रेलवे स्टेशनों पर छापेमारी की। जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य होटल में नहीं रुकते, बल्कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर सोते हैं और बिना टिकट के ट्रेन से यात्रा करते हैं।
आरोपियों की लोकेशन झारखंड के रांची में मिलने पर टीम ने वहां छापा मारा और धुरवा डेम के पास से 6 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी रांची में नई वारदात की फिराक में थे। पूछताछ में आरोपियों ने रायपुर की दोनों चोरियों की बात कबूल ली।
जप्त सामान
1 लैपटॉप
1 टैब
25,000 रुपये नगद
2 सोने के सिक्के
2 मोबाइल फोन
एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई कि पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने चुराया हुआ एक लैपटॉप गरियाबंद में फेंक दिया था, लेकिन पुलिस टीम ने मात्र 6 घंटे में इसे बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी (सभी तिरुच्चिराप्पल्ली, तमिलनाडु के मूल निवासी):
किट्टू (55 वर्ष)
ए. विनोद कुमार (43 वर्ष)
बाला मुरुगन (43 वर्ष)
कुमरेशन डी. (60 वर्ष)
भास्कर के. (55 वर्ष)
रंगन ए. (56 वर्ष)
यह गिरोह छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी सक्रिय था। पुलिस ने इन सभी राज्यों को सूचना भेज दी है ताकि उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों की जानकारी ली जा सके। प्रकरण में शामिल बाकी सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह विशेष रूप से खड़ी कारों में रखे बैग को निशाना बनाता था और तेजी से शहर बदलकर पुलिस की पकड़ से बचता रहता था।