प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 2500 करोड़ के भ्रष्टाचार पर मौन क्यों है सरकार – सुरेंद्र वर्मा

रायपुर। पूर्व गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकी राम कंवर द्वारा छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 4 में ढाई हजार करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार में बैठे लोगों के उच्च राजनीतिक संरक्षण के चलते ही निष्पक्ष जांच के बजाय परदेदारी की जा रही है। टेंडर की शर्तों में बदलाव कर इतना बड़ा भ्रष्टाचारी सत्ता के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। आदिवासी क्षेत्रों में सड़क जैसे बुनियादी सुविधा और विकास इस सरकार के कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है, केंद्रीय योजनाओं का लाभ भी छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जिस ठेकेदार के खिलाफ पहले ही गंभीर शिकायतें दर्ज हैं, अब उन्हें ही अधिक दर पर टेंडर देने की तैयारी इस सरकार में हो चुकी है और उसी के लाभ के अनुकूल निविदा की शर्तें तय की गई है। तथ्यों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ पीएमओ, और मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं होना इस सरकार की भ्रष्टाचार में सहभागिता को प्रमाणित करता है, डबल इंजन की सरकार में न खाऊंगा न खाने दूंगा भी जुमला निकला, असलियत यह है कि भ्रष्टाचार की काली कमाई में सत्ताधीशों की भी हिस्सेदारी है, इसीलिए कार्यवाही नहीं हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि न केवल पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर बल्कि इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग भाजपा एसटी मोर्चा और बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ की है, उसके बावजूद कार्यवाही नहीं होना इस सरकार के भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की मानसिकता को परिलक्षित करता है। भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए ही सरकारी विभाग अघोषित तौर पर ठेके में संचालित हो रहे हैं, भ्रष्टाचारियों में होड़ मची है, पिछले दरवाज़े से बोली लगाकर एकाधिकार स्थापित किया जा रहा है। अव्यावहारिक शर्ते जोड़ी जा रही है, दूर के कई ब्लाकों की सड़कों को एक साथ बताया गया है, कैपेसिटी की गढ़ना के नियम बदले गए, समयसीमा में अव्यावहारिक परिवर्तन सहित कई शर्ते अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए ही बनाए गए हैं। इस सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *