प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के अनुरूप व्यापारियों को सशक्त बनाने वाला हो आगामी केंद्रीय बजट : कैट

रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिन्दर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंधान, वासु मखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी, शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि आगामी केंद्रीय बजट को ध्यान में रखते हुए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देशभर के व्यापारिक समुदाय की ओर से व्यापक एवं दूरदर्शी सुझाव प्रेषित किए हैं।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त, पारदर्शी और आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप कैट ने ऐसे सुझाव दिए हैं, जो व्यापार को सम्मान, सरलता, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करते हैं। श्री पारवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस, वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश के व्यापारिक वातावरण को नई दिशा दी है। अब आवश्यकता है कि आगामी बजट में इन पहलों को और मजबूत किया जाए।

श्री पारवानी ने बताया कि कैट द्वारा दिए गए प्रमुख सुझावों में ट्रस्ट आधारित व्यापार व्यवस्था के अंतर्गत छोटे व्यापारियों के लिए सिंगल विंडो कंप्लायंस सिस्टम , अनावश्यक नोटिस व निरीक्षण पर रोक, तथा व्यापारिक कानूनों के डिक्रिमिनलाइज़ेशन को तेज़ी से लागू करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पार्टिसिपेटरी गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में अधिकारियों व व्यापारियों की संयुक्त समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है, जिससे व्यापारिक समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो सके।

कैट ने वन नेशन-वन लाइसेंस -वन रजिस्ट्रेशन की अवधारणा को लागू करने, सभी व्यापारिक लाइसेंसों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जारी करने तथा ऑटो-रिन्यूअल की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है। प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न को आगे बढ़ाते हुए कैट ने पारंपरिक व्यापार को आधुनिक बनाने के लिए टेक्नोलॉजी एडॉप्शन इंसेंटिव स्कीम , व्यापार को डिजिटल करने वाले उपकरणों पर सब्सिडी व टैक्स छूट तथा डिजिटल दुकान मिशन शुरू करने की सिफारिश की है।

श्री पारवानी ने कहा कि ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स में भारी डिस्काउंटिंग, प्रीडेटरी प्राइसिंग और विदेशी फंडिंग से होने वाली अनुचित प्रतिस्पर्धा पर तत्काल नियंत्रण आवश्यक है। इसके लिए वाणिज्य मंत्रालय से हर ई कॉमर्स एवं क्विक कॉमर्स कंपनी को अनिवार्य पंजीकरण, समान नियम, कड़ी निगरानी तथा फेयर ट्रेड कोड लागू करने का सुझाव दिया गया है ताकि छोटे रिटेलर्स के हित सुरक्षित रह सकें।

कैट ने ईमानदार टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहन देने के लिए टैक्सपेयर रेटिंग सिस्टम, कम स्क्रूटनी, फास्ट ट्रैक रिफंड और सस्ते ऋण की सुविधा देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि “व्यापार भी एक कौशल है”- इस सिद्धांत को अपनाते हुए व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के लिए नेशनल ट्रेडर्स स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया जाना चाहिए, जिसमें डिजिटल स्किल्स, अकाउंटिंग, साइबर सिक्योरिटी और कस्टमर मैनेजमेंट शामिल हों।

कैट ने छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन व बीमा सुरक्षा को मजबूत करने, व्यापारी पेंशन योजना को व्यवहारिक बनाने तथा PMJMBY, PMSBY और PM&YM जैसी योजनाओं को और सुदृढ़ करने का आग्रह किया है। तेज़ी से बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापारी नेताओं ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा हेतु साइबर फ्रॉड प्रोटेक्शन फंड , त्वरित मुआवज़ा व्यवस्था, सख्त डेटा प्रोटेक्शन कानून और बैंकिंग व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर डेटा दुरुपयोग पर रोक अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, “हर व्यापारी तक सरकारी योजना” अभियान चलाकर व्यापारिक संगठनों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी, सरल गाइडबुक, ऐप और हेल्पलाइन उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है।

कैट ने एमएसएमई और छोटे व्यापारियों के लिए डेडिकेटेड ट्रेड फाइनेंस पालिसी समय पर भुगतान सुनिश्चित करने हेतु सख्त कानून, बाजारों के आधुनिकीकरण, वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स पार्क और स्मार्ट मार्केट्स विकसित करने की भी सिफारिश की है। नवाचारपूर्ण सुझावों में नेशनल ट्रेडर्स डाटा बैंक, ग्रीन ट्रेड इंसेंटिव स्कीम तथा व्यापारिक विवादों के त्वरित समाधान के लिए ट्रेड ओंबुड्समैन की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है।

श्री पारवानी ने कहा, “व्यापारिक समुदाय देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यदि व्यापारियों को सम्मान, सुरक्षा, सरलता और समान अवसर मिलते हैं, तो भारत को $5 ट्रिलियन इकोनॉमी और विकसित भारत /2047 बनने से कोई नहीं रोक सकता।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *