धर्मांतरित हो चुके आदिवासियों का कफन दफन आदिवासी परंपरा के खिलाफ : अरविंद नेताम

0 वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम और राजाराम तोड़ेम की पत्रवार्ता 

भोपालपटनम। बस्तर संभाग में चल रहे धर्मांतरण को लेकर सर्व आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेताओं ने सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सर्व आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता अरविंद नेताम व पूर्व विधायक राजाराम तोडेम ने प्रेसवार्ता में कहा कि परंपरागत आदिवासी संस्कृति को छोड़ने वालों के कफन-दफन पर रोक लगाई जाएगी।आदिवासी नेताओं ने कहा कि बस्तर में में पेसा कानून, पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र, ग्राम सभा के अधिकार और धर्मांतरण को लेकर समाज की स्थिति स्पष्ट है। सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट कहा कि अगर किसी गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है और वह व्यक्ति धर्मांतरण कर चुका हो, तो उसके कफन-दफन का कार्यक्रम आदिवासी परंपरा के खिलाफ है और यह समाज का अपमान है, ऐसे मामलों में कफन-दफन कार्यक्रम पर रोक लगाने की पहल समाज द्वारा की जा रही है।छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष अरविंद नेताम ने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी परंपरा, संस्कृति और आस्था है। धर्मांतरण के जरिए इन परंपराओं को तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व विधयाक राजाराम तोड़ेम ने कहा कि पेसा कानून और ग्रामसभा के अधिकार सर्वोपरि हैं। गांव के फैसले गांव में होंगे, धर्मांतरण के बाद की गतिविधियों को ग्राम सभा स्वीकार नहीं करेगी।

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