पैसे वाले अपराधियों में कानून का खौफ होगा खत्म, भाजपा सरकार में अब केवल गरीब जायेगा जेल – सुरेन्द्र वर्मा

0 जन विश्वास के नाम पर 8 महत्वपूर्ण कानूनों में पूंजीपतियों के हित में सैकड़ों संशोधन अनुचित

रायपुर । छत्तीसगढ़ में लागू “जन विश्वास“ कानून को पूंजीपतियों के लाभ के लिए अफसर की राय पर बनाया गया गरीब, मजदूर विरोधी विधेयक करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि 8 महत्वपूर्ण कानूनों के 163 उपबंधों में संशोधन से पहले न प्रभावित वर्गों से कोई बातचीत की गई, ना ड्राफ्ट का प्रकाशन हुआ, ना ही दावा आपत्ति का समय दिया गया, न विशेषज्ञों की राय ली गयी और न ही विधानसभा के भीतर चर्चा की गई, विपक्ष की अनुपस्थिति में विगत शीतकालीन विधानसभा सत्र के अंतिम दिन जबरिया ध्वनि मत से पारित कर दिया गया, यह भाजपा के अधिनायकवाद का प्रमाण है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि अपराधियों में कानून और सजा का खौफ आवश्यक है, लेकिन इस संशोधन से पैसे वालों को फायदा होगा क्योंकि इसमें सिर्फ पेनल्टी का प्रावधान है, इससे पूंजीपतियों में कानून का डर खत्म होगा। सरकार का यह दावा है कि अपराधीकरण कम होगा, यह भी तथ्यहीन है क्योंकि इन प्रावधानों के उल्लंघन पर अपराधीकरण को यह संशोधन खत्म नहीं करता केवल आर्थिक दंड में बदल देता है अर्थात इन कानूनों के उल्लंघन पर कारावास के बजाय केवल जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाएगा, इससे भ्रष्टाचार और अनुचित प्रभाव को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि जिन महत्वपूर्ण कानून में इस सरकार ने संशोधन किया है उनमें छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम भी है। कानून के उल्लंघन पर सजा के बजाय केवल जुर्माना के प्रावधान से उद्योगपतियों के अनुचित हौसले बुलंद होंगे, श्रमिक संगठनों को दबाया जाएगा। यह संशोधन इस सरकार में पूंजीवाद के प्रभाव को स्पष्ट तौर पर प्रमाणित करता है। अमीर जुर्माना भर कर छुट जाएगा और गरीब राशि न जुटा पाए तो जेल जायेगा। इसी तरह से नगरी प्रशासन विभाग के नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, छत्तीसगढ़ सहकारी समिति अधिनियम में भी अनुचित बदलाव थोपे गए हैं।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा से बहुमत से पारित 9- 9 महत्वपूर्ण विधेयक जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी के शिक्षा और रोजगार के लिये महत्वपूर्ण नवीन आरक्षण विधेयक, कृषकों के हितों से संदर्भित डीम्ड मंडी एक्ट, विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विधेयक आज तक राजभवन में लंबित है, उन पर तत्परता दिखाने के बजाय जन विश्वास विधेयक तत्परता से लागू करना इस सरकार के जन विरोधी चरित्र को साबित करता है। इस सरकार की प्राथमिकता में जनसरोकर शामिल ही नही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *